16,561 फास्ट चार्जर तैयार, सरकार ने FAME-II और PM E-DRIVE के तहत लगाए हजारों करोड़ रुपये
नई दिल्ली : भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है। देश में सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़कर 52,718 पहुंच गई है। इनमें 16,561 फास्ट चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं, जहां इलेक्ट्रिक कारों को कम समय में चार्ज किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि तेजी से बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क से EV चालकों की सबसे बड़ी चिंता यानी ‘रेंज एंग्जायटी’ को कम करने में मदद मिलेगी। भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया कि शहरों से लेकर हाइवे तक चार्जिंग सुविधाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों को लंबी दूरी के सफर में परेशानी न हो।
सरकार ने EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए FAME-II योजना के तहत 912.50 करोड़ रुपये और PM E-DRIVE योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन योजनाओं के जरिए देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि बिजली मंत्रालय ने Electric Vehicle Charging Infrastructure Guidelines 2024 जारी की हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य देश में ऐसा चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है जो अलग-अलग कंपनियों के वाहनों और चार्जिंग सिस्टम के साथ आसानी से काम कर सके। नई नीति के तहत EV चार्जिंग स्टेशन लगाना अब लाइसेंस मुक्त गतिविधि कर दिया गया है। FAME India Scheme Phase-II के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक करीब 11,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। इस योजना के जरिए करीब 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन मिला, जिसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहन शामिल हैं। इसके अलावा इस योजना के तहत 30 जून 2026 तक 5,197 इलेक्ट्रिक बसों को भी सहायता दी गई है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने PM E-DRIVE योजना शुरू की है। 29 सितंबर 2024 को अधिसूचित इस योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है।
इस योजना का लक्ष्य करीब 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। इसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ट्रक, बस और एंबुलेंस शामिल हैं। योजना के तहत EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और टेस्टिंग एजेंसियों को अपग्रेड करने के लिए भी सहायता दी जा रही है।
सरकार ने बताया कि इलेक्ट्रिक कारों को PM E-DRIVE योजना में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इन्हें ऑटो और ऑटो कंपोनेंट के लिए Production Linked Incentive (PLI) Scheme के तहत समर्थन दिया जा रहा है। इस योजना के तहत Advanced Automotive Technology (AAT) वाहनों, जिनमें इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर भी शामिल हैं, के लिए योग्य कंपनियों को 13 से 18 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाता है।
