आग उगलते लाल रंग में Golf GTI सुपरकार: 3.7 सेकंड में 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड, GTI के गोल्डन जुबली ईयर में धमाका

नई दिल्ली: 641bhp की दहाड़, मिड-इंजन का सुपरकार वाला सेटअप और 3.7 सेकंड में 0-62mph की रफ्तार (100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार)—हॉट हैच की दुनिया का विस्फोटक प्रयोग फिर सुर्खियों में है। करीब 20 साल बाद Volkswagen ने अपनी दिग्गज कॉन्सेप्ट कार Volkswagen Golf GTI W12-650 को दोबारा दुनिया के सामने पेश कर दिया है, और इस बार यह आग उगलते लाल रंग में नजर आई है।

यह कोई मामूली Golf GTI नहीं, बल्कि वही 12 सिलिंडर वाली मशीन है, जिसने 2007 में कार प्रेमियों को चौंका दिया था। एक फैमिली हैचबैक के अवतार का सुपरकार का दिल फिट कर देने वाला यह प्रोजेक्ट आज भी ऑटोमोबाइल इतिहास की सबसे बोल्ड और बेतहाशा कल्पनाओं में गिना जाता है। अब GTI के 50 साल पूरे होने के मौके पर इसकी वापसी ने जश्न को और भी तेज़, और भी शोरगुल वाला बना दिया है।

पहली बार यह कार मई 2007 में दुनिया के सामने आई थी। उस समय कंपनी ने इसे बेहद साधारण शब्दों में “एक अनोखा डिजाइन स्टडी” बताया था, लेकिन असल में यह एक बेमिसाल और बेहद एक्सट्रीम प्रोजेक्ट था। तीन दरवाजों वाली Golf GTI के अंदर 6.0 लीटर का बाई-टर्बो W12 इंजन लगाया गया था, जिसे कार के बीचों-बीच फिट किया गया था। यह इंजन 641bhp की पावर और 553lb ft टॉर्क पैदा करता था। खास बात यह थी कि यह इंजन Volkswagen की लग्जरी सेडान Volkswagen Phaeton से लिया गया था और इसका संबंध Bentley Continental GT के W12 इंजन से भी था।

यह हैचबैक 0 से 62 मील प्रति घंटा की रफ्तार (लगभग 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड) सिर्फ 3.7 सेकंड में पकड़ लेती थी और इसकी अनुमानित टॉप स्पीड 201.8mph थी। इंजन को बीच में फिट करने के लिए कार को पहले से ज्यादा चौड़ा और नीचा बनाया गया था। बॉडी में कार्बन फाइबर का इस्तेमाल हुआ, नीचे की तरफ खास एयरोडायनामिक सेटअप दिया गया। Volkswagen ने इस कॉन्सेप्ट को ऑस्ट्रिया के वॉर्थरसी में होने वाले GTI फेस्टिवल के लिए तैयार किया था। अब GTI के 50 साल पूरे होने पर इसे फिर से दुनिया के सामने लाकर कंपनी ने अपने इतिहास की सबसे बोल्ड और अनोखी रचना को याद किया है।