नई दिल्ली: देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra (M&M) ने महाराष्ट्र में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी अगले 10 साल में ₹15,000 करोड़ खर्च कर नागपुर में अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इस नई फैक्ट्री में कारें और ट्रैक्टर बनाए जाएंगे। यहां से उत्पादन की शुरुआत 2028 से होने की उम्मीद है। यह निवेश Mahindra के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को और मजबूत करेगा और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र को औद्योगिक रूप से नई पहचान देगा।
Mahindra की यह नई यूनिट विदर्भ में करीब 1,500 एकड़ जमीन पर विकसित की जाएगी। इसके साथ ही सांभाजीनगर (औरंगाबाद) में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी बनाया जाएगा। यह सप्लायर पार्क कंपनी की सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, जिससे पार्टनर कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल, तेज लॉजिस्टिक्स और ज्यादा लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। यही सप्लायर पार्क नागपुर की नई यूनिट के साथ-साथ Mahindra के चाकन और नासिक प्लांट्स को भी पार्ट्स सप्लाई करेगा।
15,000 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत Mahindra तीन अलग-अलग जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदेगी। इसके अलावा कंपनी इगतपुरी-नासिक क्षेत्र में भी जमीन लेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी बिजनेस को सपोर्ट मिले। जब यह नया प्लांट पूरी तरह से चालू हो जाएगा, तब इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 5 लाख से ज्यादा वाहन और 1 लाख ट्रैक्टर होगी। यह यूनिट Mahindra की नेक्स्ट-जेनरेशन प्लेटफॉर्म्स, खासतौर पर NU_IQ आर्किटेक्चर, को सपोर्ट करेगी। यहां पेट्रोल-डीजल (ICE), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और भविष्य की नई तकनीकों पर आधारित वाहन बनाए जा सकेंगे।
ये वाहन न सिर्फ इंडिया बल्कि ग्लोबल मार्केट के लिए भी तैयार किए जाएंगे। Mahindra, जो पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है, इस नए प्लांट के जरिए कृषि उपकरण क्षेत्र में अपनी लीडरशिप और मजबूत करना चाहती है। Mahindra के ऑटो और फार्म सेक्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO राजेश जेजुरिकर ने कहा कि यह प्लांट कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग सफर में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट बड़े पैमाने, आधुनिक तकनीक और लचीलापन एक ही जगह पर उपलब्ध कराएगी और महाराष्ट्र के साथ Mahindra की साझेदारी को और गहरा करेगी।
