रेसिंग ट्रैक नहीं, अब मिट्टी और पथरीले रास्तों पर धूल उड़ाएगी HONDA

नई दिल्ली: Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) ने अब अपने रेसिंग प्लान में बदलाव की योजना बनाई है। पहले कंपनी ज्यादातर रेस ट्रैक पर होने वाली रेस, सर्किट रेसिंग पर फोकस करती थी, लेकिन अब वो मिट्टी, पहाड़, कच्चे रास्तों पर होने वाली रेस पर ज्यादा ध्यान देगी।

पिछले 18 साल में HMSI ने इंडिया में बाइक रेसिंग को आगे बढ़ाने में बड़ा रोल निभाया है। 2008 में Honda One Make Race शुरू की गई। Indian National Motorcycle Racing Championship (INMRC) जैसी बड़ी रेस में हिस्सा लिया। कंपनी सिर्फ रेस नहीं कराती थी, बल्कि राइडर्स को तैयार भी करती थी। हाई-टेक NSF250R Moto3 बाइक पर ट्रेनिंग दी गई। इंडियन राइडर्स को इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म जैसे Honda Asia Dream Cup, Thailand Talent Cup और Asia Road Racing Championship (ARRC)तक पहुंचाया।

इंडिया में लोगों का इंटरेस्ट तेजी से ऑफ-रोड रेसिंग की तरफ बढ़ रहा है। भारत में ऑफ-रोड रेसिंग (मिट्टी, पहाड़, कच्चे रास्तों पर होने वाली रेस) तेजी से पॉपुलर हो रही है। ये ज्यादा रोमांचक है और इसमें हिस्सा लेना भी आसान है। इसलिए अब हर तरह के लोग—नए राइडर्स से लेकर प्रोफेशनल तक—इसमें दिलचस्पी ले रहे हैं। अब मोटरस्पोर्ट का ट्रेंड भी बदल रहा है। लोग सर्किट रेसिंग से हटकर रैली, सुपरक्रॉस और डर्ट (मिट्टी) ट्रैक रेसिंग की तरफ जा रहे हैं। इसी बदलाव को देखते हुए Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) अपनी रणनीति बदल रही है। ऑफ-रोड रेसिंग में ज्यादा हिस्सा लेगी सर्किट रेसिंग से धीरे-धीरे दूरी बनाएगी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा राइडर्स को भारत और दुनिया में तेजी से बढ़ रहे फॉर्मेट्स में ढालना है।

HMSI अब अपनी बाइक्स की रेंज भी बदलने की तैयारी में है। इनका ज्यादा फोकस एडवेंचर और ऑफ-रोड बाइक्स पर होगा, जो हर तरह के रास्तों (ऑल-टेरेन) पर चल सकें कंपनी वही बना रही है जिसकी लोगों में डिमांड बढ़ रही है।इससे नए राइडर्स को ज्यादा मौके मिलेंगे। मोटरस्पोर्ट में ज्यादा लोग जुड़ेंगे। भारत में ऑफ-रोड बाइकिंग का बाजार तेजी से बढ़ेगा। Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) के इस कदम से रेसिंग और बाइक मार्केट दोनों में नई संभावनाएं खुलेंगी।