नई दिल्ली: India–US trade deal से अमेरिकी ऑटो कंपनियों के लिए भारत में नई रफ्तार खुलने वाली है। टैरिफ कम होने से Harley Davidson, Jeep और Tesla को सीधा फायदा मिलेगा। घरेलू ऑटो इंडस्ट्री पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। बड़े इंजन वाली मोटरसाइकिलों, लग्ज़री कारों और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी में भारी कटौती की जा रही है।
समझौते के लागू होते ही 800cc से 1,600cc इंजन क्षमता वाली Harley Davidson मोटरसाइकिलों पर इंपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह जीरो कर दी जाएगी। अभी इन बाइक्स पर भारी टैक्स लगता है, जिससे उनकी कीमत काफी बढ़ जाती है। यह रियायत सिर्फ Harley Davidson के लिए होगी, किसी अन्य मोटरसाइकिल ब्रैंड को इसमें शामिल नहीं किया गया है। ट्रेड डील के तहत 3,000cc से ज्यादा इंजन क्षमता वाली गाड़ियों की एक तय संख्या पर इंपोर्ट ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत की जाएगी। अगले 10 सालों में यह ड्यूटी धीरे-धीरे जीरो तक लाई जा सकती है। इस कदम से Tesla को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
मौजूदा समय में American कार कंपनियों में Jeep सबसे ज्यादा फायदा उठाने की स्थिति में है। Ford और General Motors पहले ही इंडियन मार्केट से बाहर निकल चुकी हैं। Jeep इंडिया में इंपोर्ट रूट के जरिए अपने बड़े और प्रीमियम मॉडल लॉन्च करने की योजना बना सकती है। Stellantis India के MD & CEO Shailesh Hazela के अनुसार यह डील Jeep के लिए नए अवसर खोलती है। कंपनी न सिर्फ भारत में नए ग्लोबल मॉडल लाने पर विचार कर रही है, बल्कि भारत से एक्सपोर्ट बढ़ाने की संभावनाएं भी तलाश रही है।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस ट्रेड डील से घरेलू कार निर्माताओं को कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि इंडियन कंपनियां 3,000cc से ऊपर के सेगमेंट में मौजूद ही नहीं हैं। Mercedes-Benz, BMW, Volkswagen और Skoda जैसी कंपनियों की इस सेगमेंट में बिक्री पहले से ही सीमित है। यह डील बिना देसी इंडस्ट्री की सेहत बिगाड़े अमेरिका की चुनिंदा ऑटो कंपनियों के लिए भारत में नई स्पीड लेकर आएगी।
