ऑटो सेक्टर में KPIT का मुनाफा घटा, अब AI और EV से बढ़ेगी रफ्तार

ऑटो सेक्टर में KPIT का मुनाफा घटा, अब AI और EV से बढ़ेगी रफ्तार

नई दिल्ली। ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी KPIT Technologies के लिए इस साल की पहली तिमाही आसान नहीं रही। दुनिया की बड़ी कार कंपनियों ने खर्च कम कर दिए, जिसका असर KPIT के कारोबार और मुनाफे पर पड़ा। हालांकि कंपनी अब AI, इलेक्ट्रिक वाहन, रोबोटिक्स और नई टेक्नोलॉजी के जरिए आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में KPIT का मुनाफा 32 फीसदी घटकर 117 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी समय कंपनी का मुनाफा ज्यादा था। कंपनी की कमाई (रेवेन्यू) बढ़कर 1,675 करोड़ रुपये हो गई, लेकिन मुनाफे में कमी आई।

कंपनी ने बताया कि उसकी सहयोगी दो बड़ी विदेशी ऑटो कंपनियों ने अपने खर्च कम कर दिए और कुछ प्रोजेक्ट फिलहाल रोक दिए। इसका सीधा असर KPIT पर पड़ा। दुनियाभर में कारों की मांग कम होना, चीनी कंपनियों से बढ़ती टक्कर और सप्लाई की समस्याएं भी इसकी वजह रहीं। इसके बावजूद कंपनी को नए काम मिल रहे हैं। KPIT ने इस तिमाही में करीब 257 मिलियन डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं। इनमें Tata Motors की Sierra EV से जुड़ा एक बड़ा प्रोजेक्ट भी शामिल है। KPIT के प्रमुख किशोर पाटिल ने कहा कि अभी ऑटो इंडस्ट्री मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन कंपनी को आने वाले समय में सुधार की उम्मीद है।

KPIT अब सिर्फ कार कंपनियों के लिए सॉफ्टवेयर बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट वाहन और नई तरह की मोबिलिटी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कंपनी AI की मदद से ऐसे सॉफ्टवेयर बना रही है, जो वाहनों को ज्यादा स्मार्ट बनाने में मदद करेंगे। रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भी काम बढ़ाने की योजना है। भारत को लेकर कंपनी काफी उत्साहित है। KPIT का मानना है कि भारत में ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यहां से कारोबार को बड़ा फायदा मिलेगा। कंपनी चीन, भारत और अमेरिका जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। उसका लक्ष्य है कि किसी एक-दो बड़ी कार कंपनियों पर निर्भरता कम हो और नए क्षेत्रों से भी कमाई बढ़े। अभी KPIT को ऑटो सेक्टर की कमजोरी का झटका लगा है, लेकिन कंपनी AI, EV और नई टेक्नोलॉजी के सहारे भविष्य में तेज विकास की तैयारी कर रही है।