नई दिल्ली: Ola Electric ने इंडिया में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल सेगमेंट में एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी की फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Roadster X+ (9.1 kWh) को सरकार की ओर से आधिकारिक मंज़ूरी मिल गई है। यह मंज़ूरी इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (iCAT), मानेसर ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR), 1989 के तहत दी है। Roadster X+ भारत की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बन गई है, जो पूरी तरह से ओला की ओर से विकसित 4680 भारत सेल बैटरी पैक से लैस है।
इस सरकारी सर्टिफिकेशन के बाद ओला इलेक्ट्रिक अब Roadster X+ की डिलीवरी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें इस्तेमाल की गई बैटरी सेल से लेकर बैटरी पैक तक, सब कुछ कंपनी ने भारत में ही विकसित किया है। Roadster X+ इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की सबसे बड़ी खासियत इसकी 500 किलोमीटर तक की जबरदस्त रेंज है। ओला की 4680 भारत सेल तकनीक की हाई एनर्जी डेंसिटी और बेहतर थर्मल परफॉर्मेंस की वजह से लंबी दूरी की यात्रा अब इलेक्ट्रिक बाइक पर भी आसान हो गई है। इससे इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी उनका इस्तेमाल बढ़ेगा, जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अब तक एक बड़ी चुनौती रहा है।
Roadster X+ को यह सर्टिफिकेशन कड़े सरकारी परीक्षणों के बाद मिला है। इसमें सुरक्षा, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, परफॉर्मेंस, पर्यावरण, ब्रेकिंग, EMC और अन्य जरूरी टेस्ट शामिल थे, जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा तय मानकों के अनुसार किए गए। मोटरसाइकिल में इस्तेमाल किया गया 9.1 kWh बैटरी पैक पहले ही ARAI से AIS-156 Amendment 4 के तहत मंज़ूरी पा चुका है। बैटरी ने पानी में डुबोने, थर्मल रनअवे, आग से सुरक्षा, वाइब्रेशन और मैकेनिकल शॉक जैसे सख्त टेस्ट सफलतापूर्वक पास किए हैं।
Ola Electric का कहना है कि Roadster X+ को मिली सरकारी मंज़ूरी के बाद ओला अब EV की पूरी टेक्नोलॉजी—सेल, बैटरी और गाड़ी—सब कुछ खुद बनाने में सक्षम है। इस सर्टिफिकेशन के बाद ओला की 4680 भारत सेल तकनीक अब सिर्फ स्कूटर तक सीमित नहीं रही है, बल्कि मोटरसाइकिल सेगमेंट में भी पहुंच गई है। आगे आने वाले ओला के अन्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर भी इसी प्लेटफॉर्म पर बनेंगे।
