नई दिल्ली। इंडिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है और जुलाई 2026 में इसकी शानदार तस्वीर सामने आई है। देश की दिग्गज ऑटो कंपनी Tata Motors ने एक बार फिर पैसेंजर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखते हुए नंबर-1 स्थान हासिल किया है। कंपनी ने जुलाई में 13,579 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है। देश में कुल पैसेंजर EV रजिस्ट्रेशन जुलाई 2026 में बढ़कर 31,788 यूनिट पहुंच गया, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 17,509 यूनिट था। इलेक्ट्रिक कारों की मांग में सालाना आधार पर 81.6 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
Tata Motors ने जुलाई 2026 में 13,579 यूनिट्स की बिक्री के साथ इलेक्ट्रिक कार बाजार में करीब 43 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की। पिछले साल जुलाई में कंपनी ने 6,728 EV बेची थीं। इस तरह कंपनी की बिक्री में 101.8 फीसदी की शानदार ग्रोथ दर्ज हुई। Tata की मजबूत पकड़ के पीछे कंपनी का बड़ा EV पोर्टफोलियो है। कंपनी के पास Nexon.ev, Punch.ev, Curvv.ev, Harrier.ev, Tiago EV और नई Sierra EV जैसे मॉडल मौजूद हैं, जो अलग-अलग बजट और ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करते हैं। Tata को कड़ी चुनौती देते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी जुलाई में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने 7,677 EV रजिस्ट्रेशन दर्ज किए, जो पिछले साल के 3,416 यूनिट के मुकाबले 124.7 फीसदी ज्यादा हैं।
JSW MG Motor India जुलाई में 5,642 रजिस्ट्रेशन के साथ तीसरे स्थान पर रही। हालांकि पिछले साल के 5,900 यूनिट के मुकाबले कंपनी की बिक्री में करीब 4 फीसदी गिरावट आई। वहीं, इंडिया की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने भी EV बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara के दम पर जुलाई में 1,590 यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन हासिल किया। वियतनाम की EV कंपनी VinFast ने भारतीय बाजार में तेजी से कदम बढ़ाते हुए जुलाई में 1,478 यूनिट्स दर्ज किए। कंपनी के लिए यह शुरुआत काफी मजबूत मानी जा रही है।
इसके अलावा BYD India ने जुलाई में 742 यूनिट, Kia India ने 464 यूनिट, 613% की जबरदस्त बढ़ोतरी Hyundai Motor India ने 565 यूनिट Stellantis India ने 51 यूनिट्स की बिक्री की। साल 2026 के पहले सात महीनों, जनवरी से जुलाई तक टाटा ने 72,247 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन किया। इस अवधि में EV बाजार में 83 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 तक भारत में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 10 फीसदी तक पहुंच सकती है।
