सरकारी कंपनियां घटाएंगी पेट्रोल-डीजल के दाम? Nayara Energy ने सस्ता किया तेल

सरकारी कंपनियां घटाएंगी पेट्रोल-डीजल के दाम? Nayara Energy ने सस्ता किया तेल

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान वाहन चालकों को देश की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी Nayara Energy ने राहत दी है। 1 जुलाई से पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती का ऐलान कर दिया है। Nayara Energy ने पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया। कंपनी के करीब 7,000 पेट्रोल पंपों पर नई कीमतें लागू हो गई हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने अभी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। महंगे कच्चे तेल के दौरान हुए नुकसान की भरपाई सरकारी कंपनियों की प्राथमिकता है। यदि क्रूड ऑयल सस्ता बना रहा, तो आने वाले समय में सरकारी कंपनियां भी राहत दे सकती हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कच्चे तेल की कीमतें नीचे आ चुकी हैं, तो IOCL, BPCL और HPCL जैसी सरकारी तेल कंपनियां अभी तक अपने दाम क्यों नहीं घटा रही हैं? अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं। अब हालात सामान्य होने और ब्रेंट क्रूड करीब 73 डॉलर प्रति बैरल तक आने के बाद Nayara ने ग्राहकों को राहत देने का फैसला किया है। Nayara के पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले से ही कई राज्यों में सरकारी पेट्रोल पंपों के मुकाबले अधिक थीं। ऐसे में कीमतें घटाने के बाद भी उसके कई पंपों पर ईंधन सरकारी कंपनियों से थोड़ा महंगा ही है।

सरकारी कंपनियों के अभी कीमत न घटाने के पीछे भारी वित्तीय दबाव है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं, तब Indian Oil, BPCL और HPCL ने पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों पर नहीं डाली। कंपनियों ने खुद अतिरिक्त लागत का बड़ा हिस्सा उठाया, जिससे उनकी मार्केटिंग मार्जिन पर असर पड़ा। जबकि कच्चा तेल सस्ता हुआ है, सरकारी कंपनियां पहले अपने पुराने नुकसान की भरपाई करना चाहती हैं। अगर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो सरकारी तेल कंपनियों पर भी पेट्रोल और डीजल सस्ता करने का दबाव बढ़ सकता है। निजी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी इसमें अहम भूमिका निभाएगी।