ZF और BMW में अरबों यूरो की डील : 2030 तक साथ, इलेक्ट्रिक–हाइब्रिड दौर की तैयारी

नई दिल्ली: ZF और BMW ने भविष्य की कारों के लिए एक दीर्घकालिक और अरबों यूरो का समझौता किया है। दोनों कंपनियों के बीच यह डील कई अरब यूरो की है और इसके तहत 2030 के दशक के अंत तक साथ काम करने पर सहमति बनी है। BMW ने आने वाले वर्षों में अपनी कारों की ड्राइव टेक्नोलॉजी के लिए ZF पर भरोसा जताया है।

समझौते का मकसद इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड दौर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक ड्राइव सिस्टम तैयार करना है। ZF 2030 के दशक तक BMW को अपनी 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन (8HP) सप्लाई करेगी। यह ट्रांसमिशन पेट्रोल, डीज़ल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिफाइड सभी तरह की गाड़ियों के लिए उपयुक्त है।

BMW और ZF ने तय किया है कि भविष्य में ऐसी ड्राइव टेक्नोलॉजी तैयार की जाएगी जो कम प्रदूषण करे, ज्यादा माइलेज दे और ड्राइविंग को ज्यादा स्मूद बनाए। गाड़ियां ज्यादा किफायती होंगी और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाएंगी। ZF की 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन पहले से ही दुनियाभर में अपनी स्मूद गियर शिफ्टिंग, बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है। ज्यादा गियर होने से हाईवे पर इंजन कम RPM पर चलता है, जिससे ईंधन की बचत होती है और उत्सर्जन घटता है। हाइब्रिड और इलेक्ट्रिफाइड गाड़ियों में यह टेक्नोलॉजी और भी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।

इस नए समझौते के तहत ZF इस ट्रांसमिशन को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से और एडवांस बनाएगी, ताकि यह इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड सिस्टम के साथ बेहतर तालमेल में काम कर सके। इसके अलावा, ZF BMW के अलग-अलग मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स को ट्रांसमिशन और ड्राइव से जुड़े अहम कंपोनेंट्स सप्लाई करेगी।

ZF के CEO मैथियास मीडराइख के अनुसार, BMW के साथ यह करार इस बात का मजबूत संकेत है कि दोनों कंपनियां इनोवेशन, एफिशिएंसी और सस्टेनेबिलिटी को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। इस साझेदारी से ZF एक मजबूत सिस्टम सप्लायर के रूप में और आगे बढ़ेगी, जबकि BMW को लंबे समय तक आधुनिक, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल ड्राइव टेक्नोलॉजी मिलती रहेगी। यह करार कम प्रदूषण और टिकाऊ मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम है।