नई दिल्ली: लॉजिस्टिक्स और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी Cargo Matters आंध्र प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से जुड़ा बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी ने राज्य सरकार के साथ समझौता कर करीब 100 करोड़ रुपये निवेश करके EV मैन्युफैक्चरिंग और चार्जिंग हब बनाने की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट इंडिया का पहला इंटीग्रेटेड ग्रीन फ्रेट हब माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारी कमर्शियल वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाना है।
कंपनी के मुताबिक इस कुल निवेश में से लगभग 50 करोड़ रुपये सिर्फ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र में भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रकों और कमर्शियल वाहनों के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जा सके। यह हब माल ढुलाई के क्षेत्र को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले इलाके में स्थापित की जाएगी। इसके लिए Cargo Matters ने Andhra Pradesh Industrial Infrastructure Corporation (APIIC) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी सौंप दी है और करीब 18 एकड़ औद्योगिक जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन Umesh Padala ने कहा कि मदनपल्ले में बनने वाली यह सुविधा ट्रक और अन्य भारी वाहनों के मालिकों को इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए किफायती समाधान देगी। यहां आधुनिक रेट्रोफिटिंग सुविधा भी होगी, जिससे डीजल या पारंपरिक वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदला जा सकेगा और भारी वाहनों के लिए समर्पित चार्जिंग नेटवर्क भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में चार्जर निर्माण के लिए अलग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, भारी वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए खास रेट्रोफिटिंग सेंटर और रिसर्च-डेवलपमेंट (R&D) सुविधा भी बनाई जाएगी, जहां नए सिस्टम की टेस्टिंग और प्रमाणन का काम होगा। Andhra Pradesh Industrial Infrastructure Corporation के डायरेक्टर पी. एन. महेश ने कहा कि यह प्रोजेक्ट राज्य की Andhra Pradesh Sustainable Electric Mobility Policy 4.0 (2024–2029) के अनुरूप है और ग्रीन फ्रेट मिशन आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के भी बड़े अवसर बनेंगे। इस प्रोजेक्ट से करीब 1,000 लोगों को सीधे और लगभग 3,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को फायदा होगा।
