नई दिल्ली। CNG कार चलाने वालों के लिए केंद्र सरकार ने National Circular Bioenergy Scheme यानी GOBARdhan योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 2027 से 2036 तक 23,731 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य देश में Compressed Biogas (CBG) का उत्पादन करीब 10 गुना बढ़ाना है। CBG को CNG वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। आने वाले समय में CNG कारों में इस्तेमाल होने वाली गैस का बड़ा हिस्सा खेती के कचरे, पशुओं के गोबर और दूसरे जैविक कचरे से तैयार हो सकता है।
GOBARdhan योजना के तहत ऐसे प्लांट को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां अलग-अलग तरह के जैविक कचरे से CBG बनाई जाएगी। इसमें कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर, चीनी उद्योग का कचरा, नगरों का जैविक कचरा और दूसरे बायोमास का इस्तेमाल किया जा सकेगा। जिस कचरे को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, उसी से ईंधन तैयार करने की कोशिश होगी। CBG और CNG दोनों मुख्य रूप से मीथेन आधारित गैस हैं। इसलिए CBG को CNG के साथ ब्लेंड करके CNG वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। CBG के लिए पूरी तरह नया वाहन सिस्टम तैयार करने की जरूरत नहीं होगी। मौजूदा CNG वाहनों और काफी हद तक मौजूदा गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार देश में घरेलू CBG उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना चाहती है। CBG की कीमत को समर्थन देने के लिए ₹2,110 प्रति MMBTU की सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा पात्र परियोजनाओं को प्रति TPD ₹2 करोड़ तक की पूंजी सहायता मिल सकती है। सरकार की योजना CNG नेटवर्क में CBG की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ाने की है। शुरुआत में 3 फीसदी CBG ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद वित्त वर्ष 2029 तक इसे बढ़ाकर 5 फीसदी करने का लक्ष्य है।
इस योजना का फायदा सिर्फ कार मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। किसानों के लिए खेतों के अवशेष और जैविक कचरे से कमाई का नया रास्ता खुल सकता है। सरकार CBG प्लांट को बड़े गैस नेटवर्क से जोड़ने के लिए पाइपलाइन कनेक्टिविटी पर भी जोर देगी। इन पाइपलाइनों के जरिए CBG प्लांट को ट्रंक पाइपलाइन और शहरों के गैस नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। सरकार योजना के तहत CBG परियोजनाओं को कई तरह का समर्थन देने की तैयारी में है। इसमें खरीद की गारंटी, ज्यादा स्थिर कीमत, वित्त जुटाने में मदद, पूंजी सहायता, कच्चा माल जुटाने और मैन्योर प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अगर लक्ष्य पूरे हुए तो खेतों का कचरा और गोबर सिर्फ कचरा नहीं रहेगा, बल्कि देश की कारों के लिए ईंधन का नया स्रोत बन सकता है।
