नई दिल्ली। दुनियाभर की ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ इंजन और गाड़ियों पर नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। रिसर्च कंपनी KPMG की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में आगे बढ़ने के लिए ऑटो कंपनियां AI और डेटा को सबसे बड़ा हथियार मान रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 74 फीसदी ऑटो इंडस्ट्री के बड़े अधिकारी मानते हैं कि आने वाले समय में एडवांस टेक्नोलॉजी ही कंपनियों को बाजार में आगे रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।
हालांकि टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती भी है। रिपोर्ट में 86 फीसदी अधिकारियों ने माना कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी योजनाएं बहुत जल्दी पुरानी हो जाती हैं, इसलिए कंपनियों को लगातार नए बदलाव अपनाने पड़ते हैं। अब ऑटो कंपनियां ऐसी गाड़ियों पर काम कर रही हैं जो ज्यादा स्मार्ट हों, खुद डेटा समझ सकें और ग्राहकों को बेहतर अनुभव दे सकें। आने वाले समय में AI का इस्तेमाल कार डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और ग्राहकों की जरूरत समझने में बढ़ेगा। KPMG के अनुसार कंपनियां अब सिर्फ छोटे-छोटे AI टेस्ट नहीं कर रही हैं, बल्कि बड़े स्तर पर AI सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई कंपनियों में पुराने सिस्टम और प्रक्रियाएं नई टेक्नोलॉजी अपनाने में रुकावट बन रही हैं। करीब 53 फीसदी कंपनियों का कहना है कि पुराने सिस्टम के कारण टेक्नोलॉजी में किए गए निवेश का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए कंपनियां अब बेहतर डेटा सिस्टम, मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा पर ज्यादा निवेश कर रही हैं। KPMG इंडिया के ऑटो सेक्टर प्रमुख जेफ्री जैकब ने कहा कि भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए AI, डेटा और डिजिटल टेक्नोलॉजी भविष्य की सफलता की कुंजी बनेंगे। इनका इस्तेमाल सिर्फ कारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इंजीनियरिंग, फैक्ट्री, सप्लाई चेन और ग्राहक सेवाओं में भी होगा।
रिपोर्ट में 22 देशों के 258 टेक्नोलॉजी लीडर्स की राय शामिल की गई है। इसमें कार कंपनियां, ट्रक निर्माता, ऑटो पार्ट्स कंपनियां और नई मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। भविष्य की कारें सिर्फ पेट्रोल-डीजल या बैटरी से नहीं, बल्कि AI और डेटा से भी चलेंगी। जो कंपनियां टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाएंगी, वही ऑटो बाजार में आगे रहेंगी।
