• 10 साल के निचले स्तर पर मोबाइल बाजार, मगर स्वदेशी मोबाइल ब्रैंड्स की हिस्सेदारी 2% से पहुंची 7%
• बजट स्मार्टफोन की शिपमेंट 47% घटी, फिर भी Ai+ ने हासिल की बड़ी छलांग
• मेमोरी चिप महंगी, स्मार्टफोन बाजार सुस्त; Ai+ की शिपमेंट में रिकॉर्ड उछाल
• 2026 में स्मार्टफोन बाजार 13% सिकुड़ने का अनुमान, Ai+ ने दिखाया दम
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में गिरावट के बीच घरेलू ब्रैंड Ai+ Smartphone ने शानदार प्रदर्शन किया है। Counterpoint Research की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान Ai+ Smartphone की शिपमेंट में सालाना आधार पर 306% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी इस अवधि में भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड बनकर उभरी। इसी दौरान देश का कुल स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर 20% सिकुड़ गया और तीसरी तिमाही की शिपमेंट एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय स्मार्टफोन ब्रांडों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी भी Q3 2025 के 2% से बढ़कर Q3 2026 में 7% हो गई। हालांकि, उद्योग पर बढ़ती मेमोरी चिप कीमतों का दबाव है। ₹20,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट की शिपमेंट में 47% की सालाना गिरावट दर्ज की गई। Counterpoint ने पूरे 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में लगभग 13% संकुचन का अनुमान भी जताया है।
Counterpoint Research के Monthly India Smartphone Tracker के अनुसार, Ai+ Smartphone ने तीसरी तिमाही में 306% सालाना वृद्धि दर्ज की। कंपनी के CEO माधव शेठ ने माना कि छोटे शुरुआती आधार से इतनी तेज वृद्धि को लगातार बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके बावजूद कंपनी भारतीय ब्रांडों के लिए बन रहे नए अवसरों को लेकर उत्साहित है।
रिपोर्ट का एक अहम संकेत भारतीय स्मार्टफोन ब्रांडों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी है। Q3 2025 में यह हिस्सेदारी 2% थी, जो Q3 2026 में बढ़कर 7% हो गई। घरेलू कंपनियां ऐसे बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, जहां लंबे समय से वैश्विक ब्रांडों का दबदबा रहा है।
Ai+ Smartphone खुद को भारत में विकसित तकनीक पर आधारित ब्रांड के रूप में पेश करता है। कंपनी का कहना है कि वह NxtQuantum OS के जरिए सॉफ्टवेयर, प्राइवेसी और यूजर एक्सपीरियंस पर ध्यान दे रही है।
तेजी से बढ़ती मेमोरी कीमतें स्मार्टफोन कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। Counterpoint के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची मेमोरी कीमतों के कारण डिवाइस की लागत बढ़ी है। इसका असर खास तौर पर ₹20,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट पर पड़ा, जहां शिपमेंट में सालाना आधार पर 47% की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ डिवाइस ऊंचे कीमत वाले बैंड में चले गए हैं।
Counterpoint Research ने अनुमान लगाया है कि पूरे 2026 में भारत का स्मार्टफोन बाजार लगभग 13% सिकुड़ सकता है। बढ़ती कंपोनेंट लागत, बदलती ग्राहक पसंद और प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियों को अपनी रणनीति नए सिरे से तैयार करनी पड़ रही है।
