2027 से कारों में आएगी नई टेक्नोलॉजी, नए चिप सिस्टम से बदलेगा ड्राइविंग का अनुभव
कारों के दिमाग को मिलेगी नई ताकत, कम इलेक्ट्रॉनिक यूनिट, ज्यादा स्मार्ट फीचर्स!
• कारों में लाइटिंग से सेफ्टी तक का कंट्रोल होगा ज्यादा व्यवस्थित, Volkswagen की नई पहल
• NXP के साथ दीर्घकालिक साझेदारी, नई चिप तकनीक से बढ़ेंगी डिजिटल क्षमताएं
Volkswagen Group ने भविष्य की स्मार्ट कारों को ज्यादा कनेक्टेड, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए NXP Semiconductors के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। Volkswagen Group और डच चिपमेकर NXP Semiconductors ने भविष्य के सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों (SDV) के लिए एक बड़ी रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत NXP फॉक्सवैगन के सभी ब्रांड्स और कार मॉडल्स के लिए माइक्रोकंट्रोलर्स (MCUs) की सप्लाई करेगा। NXP के S32K5 फैमिली के माइक्रोकंट्रोलर्स का इस्तेमाल फॉक्सवैगन के ‘ज़ोनल सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल आर्किटेक्चर’ में एक मुख्य कॉम्पोनेंट के रूप में किया जाएगा। ये चिप्स कार के अलग-अलग डिजिटल फीचर्स (जैसे लाइटिंग, आराम, सुरक्षा सिस्टम, और चेसिस) को एक ही जगह कंट्रोल करेंगे। इससे पहले की तरह हर काम के लिए अलग चिप और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) लगाने की ज़रूरत नहीं होगी।
इस सहयोग के तहत NXP के S32K5 फैमिली माइक्रोकंट्रोलर Volkswagen Group की अगली पीढ़ी की सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल (SDV) आर्किटेक्चर का अहम हिस्सा बनेंगे। इस नई आर्किटेक्चर पर आधारित पहली कार 2027 में पेश करने की योजना है। इसका उद्देश्य कारों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) की जटिलता कम करना, कई कार्यों को कम हार्डवेयर में समेटना और अलग-अलग ब्रांडों तथा वाहन श्रेणियों में एक समान तकनीकी आधार तैयार करना है। इस आर्किटेक्चर को Volkswagen Group और Rivian के संयुक्त उद्यम Rivian and Volkswagen Group Technologies (RV Tech) ने विकसित किया है। इसके जरिए कार की लाइटिंग, बॉडी, कंफर्ट, चेसिस और सेफ्टी सिस्टम जैसे कई कार्यों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
आधुनिक कारों में सेंसर, सुरक्षा प्रणालियों, लाइटिंग, इंफोटेनमेंट और अन्य डिजिटल फीचर्स को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट का इस्तेमाल होता है। इससे विकास, पुर्जों के प्रबंधन और अलग-अलग मॉडल में तकनीक लागू करने की प्रक्रिया भी मुश्किल हो सकती है।
NXP के S32K5 माइक्रोकंट्रोलर इस समस्या को कम करने में मदद करेंगे। नई आर्किटेक्चर में माइक्रोकंट्रोलर और हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर अलग-अलग भूमिकाएं निभाएंगे। हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर AI आधारित सुविधाओं, एडवांस्ड इंफोटेनमेंट और ऑटोमेटेड ड्राइविंग से जुड़े जटिल निर्णयों के लिए केंद्रीय कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराएंगे। यह तकनीक सुरक्षित रियल-टाइम कंप्यूटिंग, तेज और सुरक्षित ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट तथा कई कार्यों को एकीकृत करने की सुविधा के लिए तैयार की गई है। इससे भविष्य में कारों के सॉफ्टवेयर और डिजिटल फीचर्स को लगातार अपडेट करना आसान हो सकता है।
Volkswagen Group अपनी सेमीकंडक्टर सप्लाई और तकनीकी विकास के लिए प्रमुख चिप कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी बढ़ा रहा है। Volkswagen Group और Rivian के संयुक्त उद्यम RV Tech द्वारा विकसित आर्किटेक्चर को दोनों कंपनियों के वाहनों में इस्तेमाल करने की योजना है।
