नई दिल्ली : इंडिया की टू-व्हीलर इंडस्ट्री में एक बार फिर Honda Motorcycle & Scooter India ने अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। कंपनी ने नॉर्दर्न इंडिया में 1 करोड़ (10 मिलियन) टू-व्हीलर बिक्री का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे बड़े और विविध बाजारों में Honda की इस उपलब्धि ने कंपनी को देश के सबसे भरोसेमंद टू-व्हीलर ब्रांड्स में और मजबूत बना दिया है।
Honda के लिए उत्तर भारत सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बन चुका है। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में अकेले उत्तर भारत की हिस्सेदारी करीब 15% रही। खास बात यह रही कि इस क्षेत्र में बिकने वाले 110cc स्कूटर सेगमेंट में हर चार में से लगभग तीन स्कूटर Honda के रहे। वहीं 125cc मोटरसाइकिल सेगमेंट में भी कंपनी ने अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखी। Honda की सफलता के पीछे सिर्फ उसके स्कूटर और बाइक नहीं, बल्कि ग्राहकों तक पहुंचने का मजबूत नेटवर्क भी बड़ी वजह है। कंपनी ने पूरे उत्तर भारत में 1000 से ज्यादा कस्टमर सर्विस टचपॉइंट्स तैयार किए हैं, जिससे छोटे शहरों और कस्बों तक ग्राहकों को बेहतर सर्विस और भरोसा मिल रहा है।
इस बड़ी उपलब्धि पर Honda Motorcycle & Scooter India के डायरेक्टर सेल्स एंड मार्केटिंग मुत्सुओ उसुई ने कहा कि उत्तर भारत में 1 करोड़ बिक्री का आंकड़ा पार करना इस बात का प्रमाण है कि यहां लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में टू-व्हीलर्स कितने अहम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार भरोसेमंद मोबिलिटी और बेहतर पहुंच पर काम कर रही है और आने वाले समय में ग्राहकों की बदलती जरूरतों के मुताबिक नई तकनीक और प्रीमियम उत्पाद पेश किए जाएंगे।
अब Honda नॉर्दर्न इंडिया में अपनी BigWing प्रीमियम नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी मिड-साइज और हाई-डिस्प्लेसमेंट मोटरसाइकिल पोर्टफोलियो का भी विस्तार करेगी, ताकि युवाओं और प्रीमियम ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। जापान की Honda Motor Company की सहायक कंपनी HMSI भारत में चार बड़े प्लांट्स के जरिए उत्पादन करती है और 7 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। कंपनी 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने और सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को शून्य तक लाने के लक्ष्य पर भी तेजी से काम कर रही है।
