डीजल ट्रकों की छुट्टी करेगा JSW! 100 E-TRUCK सड़कों पर उतरने को तैयार

डीजल ट्रकों की छुट्टी करेगा JSW! 100 E-TRUCK सड़कों पर उतरने को तैयार

• AMPSTAR के 100 ट्रकों का पहला ऑर्डर, 330 KM का इलेक्ट्रिक कॉरिडोर, 100 ट्रक और 4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत!

JSW के इलेक्ट्रिक ट्रक बदलेंगे माल ढुलाई का अंदाज

• 55 टन का दम, 430 kW की ताकत, 4 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, हर महीने 1.25 लाख टन माल की होगी इलेक्ट्रिक ढुलाई

• 2,600 Nm टॉर्क वाले इलेक्ट्रिक ट्रक से बदलेगी भारी माल ढुलाई की तस्वीर

भारत में भारी वाहनों से होने वाली माल ढुलाई को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में JSW Greentech ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी को अपने AMPSTAR ब्रांड के तहत 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों का पहला कमर्शियल ऑर्डर मिला है। ये सभी 55 टन क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रक JSW Cement को सप्लाई किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल औद्योगिक माल ढुलाई में होगा। इन ट्रकों के संचालन के लिए 330 किलोमीटर लंबा समर्पित इलेक्ट्रिक फ्रेट कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इस परियोजना से अनुबंध अवधि के दौरान करीब 4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत और लगभग 6,250 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।

JSW Greentech ने AMPSTAR ब्रांड को पेश करने के कुछ ही समय बाद यह पहला व्यावसायिक ऑर्डर हासिल किया है। कंपनी के 100 इलेक्ट्रिक ट्रक JSW Cement के विजयनगर ऑपरेशन के लिए तैनात किए जाएंगे। ये 4×2 कॉन्फिगरेशन वाले 55 टन क्षमता के इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर ट्रक हैं। कंपनी के मुताबिक, यह उपलब्धि इलेक्ट्रिक भारी वाहनों को वास्तविक औद्योगिक जरूरतों में इस्तेमाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इन इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन नंद्याल से विजयनगर के बीच 330 किलोमीटर लंबे रूट पर होगा। यहां क्लिंकर और स्लैग की ढुलाई की जाएगी। इस कॉरिडोर के जरिए हर महीने करीब 1.25 लाख टन माल ले जाने की योजना है। लंबे रूट पर ट्रकों को लगातार चलाने के लिए चार बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे बैटरी चार्ज होने का इंतजार कम होगा और वाहनों का परिचालन ज्यादा समय तक जारी रखा जा सकेगा।

इस परियोजना में JSW Eco-Mobility की भी अहम भूमिका होगी। कंपनी Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल के तहत ट्रकों के लिए बैटरी उपलब्ध कराएगी। यानी बैटरी की व्यवस्था और स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत तरीके से संचालित किया जाएगा। भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में लंबी चार्जिंग अवधि और वाहन का परिचालन समय शामिल हैं। बैटरी स्वैपिंग व्यवस्था इन समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है।

AMPSTAR 55T इलेक्ट्रिक ट्रक में 430 किलोवाट की पावर और 2,600 Nm का टॉर्क दिया गया है। इसे औद्योगिक माल ढुलाई जैसी चुनौतीपूर्ण जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

JSW Greentech का अनुमान है कि इस परियोजना से अनुबंध अवधि में 4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी और करीब 6,250 टन CO₂ उत्सर्जन से बचा जा सकेगा। यह परियोजना JSW समूह के लिए सिर्फ 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती नहीं है। इसके जरिए कंपनी वाहन, बैटरी और लॉजिस्टिक्स को एक साथ जोड़कर भारी माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का व्यावहारिक मॉडल तैयार करने की कोशिश कर रही है। अगर यह मॉडल सफल रहता है तो स्टील, खनन और निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिक ट्रकों के इस्तेमाल का रास्ता खुल सकता है।