नागपुर में 800 एकड़ की जमीन पर प्लांट में बनेंगे 5 लाख से ज्यादा वाहन और 1 लाख ट्रैक्टर
MAHINDRA का ₹15,000 करोड़ का मास्टरस्ट्रोक, ऑटोमोबाइल और ट्रैक्टर निर्माण को मिलेगी नई ताकत
2028 में उत्पादन शुरू करने की तैयारी, 800 एकड़ जमीन के लिए ₹706 करोड़ से ज्यादा का भुगतान
MAHINDRA के मेगा प्रोजेक्ट से विदर्भ को मिलेगा बूस्टर डोज, रोजगार और उद्योग को नई उम्मीद
नागपुर में उद्योगों की नई रफ्तार, सप्लायर पार्क और स्किलिंग सेंटर की भी योजना
नागपुर में MAHINDRA एंड MAHINDRA का बड़ा औद्योगिक निवेश आकार लेने लगा है। कंपनी ने महाराष्ट्र के अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में 800 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया है। यहां ₹15,000 करोड़ से अधिक के निवेश से ऑटोमोबाइल और ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा। परियोजना से 20,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। उत्पादन 2028 में शुरू करने का लक्ष्य है। पूरी क्षमता पर इस एकीकृत प्लांट में सालाना पांच लाख से अधिक वाहन और एक लाख ट्रैक्टर बनाने की योजना है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) ने एमओयू पर हस्ताक्षर होने के छह महीने के भीतर जमीन सौंप दी है। यह परियोजना विदर्भ में औद्योगिक विकास, रोजगार और ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन को नई गति दे सकती है।
MAHINDRA ने पहले चरण में मिली 800 एकड़ जमीन के लिए MIDC को ₹706 करोड़ से अधिक का भुगतान किया है। कंपनी को कुल 1,500 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। शेष 700 एकड़ जमीन का कब्जा बाद में सौंपे जाने की उम्मीद है।
इस परियोजना के लिए एमओयू Advantage Vidarbha 2026 के दौरान हुआ था। इसके बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया छह महीने में पूरी होना निवेश को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
प्रस्तावित प्लांट में कई तरह के वाहनों का निर्माण किया जाएगा। इसमें इंटरनल कंबशन इंजन यानी पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल और अगली पीढ़ी के वाहन प्लेटफॉर्म भी शामिल होंगे। ट्रैक्टर निर्माण इकाई घरेलू बाजार की मांग पूरी करने के साथ निर्यात बाजारों को भी ध्यान में रखकर विकसित की जाएगी। सालाना पांच लाख से अधिक वाहनों और एक लाख ट्रैक्टरों की प्रस्तावित क्षमता इसे कंपनी की बड़ी विनिर्माण परियोजनाओं में शामिल कर सकती है।
MAHINDRA की योजना छत्रपति संभाजीनगर में 150 एकड़ का अलग सप्लायर पार्क विकसित करने की भी है। इससे वाहन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कलपुर्जों की सप्लाई चेन को मजबूती मिल सकती है। नागपुर में मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कौशल विकसित करने के लिए स्किलिंग सेंटर स्थापित करने की योजना है। इससे स्थानीय युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने में मदद मिल सकती है।
Advantage Vidarbha 2026 के दौरान परियोजना के लिए एमओयू साइन किए गए थे। इसके बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया छह महीने में पूरी हुई। जमीन हस्तांतरण के दौरान MIDC और MAHINDRA के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। Association for Industrial Development (AID) ने भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।
