Montra Electric का मानेसर में EV ट्रक प्लांट, इंडिया की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट

Montra Electric का मानेसर में EV ट्रक प्लांट, इंडिया की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट

गुरुग्राम: मुरुगप्पा ग्रुप की क्लीन मोबिलिटी ब्रांड Montra Electric ने मानेसर, हरियाणा में अपना अत्याधुनिक eHCV मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लॉन्च किया। इस प्लांट में हैवी कमर्शियल इलेक्ट्रिक ट्रकों का निर्माण होगा। भारत धीरे-धीरे ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। यह भारत की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट है, जो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।

डिजाइन, असेंबली, क्वॉलिटी चेक और टेस्टिंग—सभी स्टेप्स में महिलाएं शामिल हैं। यह इकाई महिलाओं को तकनीकी और इंडस्ट्रियल फील्ड में नई नौकरी और अवसर देती है। Montra Electric का मानेसर प्लांट मुख्य रूप से EV ट्रक (eHCV) बनाने का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। प्लांट में बैटरी असेंबली के लिए भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित ऑटोमेटेड यूनिट शामिल है। पूरा प्लांट EV ट्रक बनाने के लिए है। बैटरी सेक्शन: उसी प्लांट का हिस्सा है, और वही ऑल-वूमन बैटरी यूनिट है। गौरतलब है कि Montra Electric ने अब तक भारत का पहला 55 टन इलेक्ट्रिक ट्रक ट्रेलर Rhino और भारत का पहला इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर E-27 लॉन्च किया है। यह भारत की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट है, जो महिला सशक्तिकरण बढ़ावा देती है। प्लांट में बैटरी रीसाइक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और भविष्य में रिन्यूएबल एनर्जी की योजना शामिल हैं।

Montra Electric का नया मानेसर प्लांट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि तकनीक, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी का पूरा हब है। भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं की ओर से संचालित ऑटोमेटेड बैटरी लाइन, जो इंडस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही है। उत्पादन तेज़, कुशल और आधुनिक होगा। यहां सालाना 6,000 ट्रक बनेंगे। जरूरत पड़ने पर इसे 7,500 तक बढ़ाया जा सकता है। फैक्ट्री 2.55 लाख वर्ग फीट में फैली है, जिसमें 1.5 लाख वर्ग फीट बिल्ट-अप एरिया शामिल है। 60% रोबोटिक्स इंटीग्रेशन और Industry 4.0 प्रैक्टिसेस से उत्पादन स्मार्ट और हाई-टेक होगा।

74% पार्ट्स और कंपोनेंट्स इंडिया में ही बनेंगे। फैक्ट्री स्थानीय कंपनियों और सप्लायर्स को सपोर्ट करती है। इससे सप्लाई चेन मजबूत और टिकाऊ होIR, यानी उत्पादन में रुकावट कम होगी और लागत नियंत्रित रहेगी। फैक्ट्री में बैटरी रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट की सुविधा होगी। भविष्य में सोलर या रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल भी किया जाएगा। यह फैक्ट्री सिर्फ ट्रक बनाने के लिए नहीं, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए भी डिजाइन की गई है।