16.5 अरब डॉलर की साझेदारी! Samsung के प्लांट से निकलेगा Tesla का AI6 चिप
कार, रोबोट और AI का नया बादशाह बनेगा Tesla AI6 चिप
कल्पना कीजिए, आपकी कार एक ऐसा सुपरकंप्यूटर बन जाए जो पलभर में लाखों जानकारियों को समझकर फैसले ले सके। यही सपना अब हकीकत के करीब पहुंचता दिख रहा है। Tesla अपने नए AI6 चिप पर काम कर रही है, जिसे कंपनी की अब तक की सबसे ताकतवर AI तकनीक माना जा रहा है। Elon Musk का दावा है कि यह चिप न सिर्फ Tesla की सेल्फ-ड्राइविंग कारों को नई ताकत देगी, बल्कि Optimus रोबोट, रोबोटैक्सी और भविष्य के AI सिस्टम की दुनिया भी बदल सकती है।
Tesla की नई AI6 चिप उसकी FSD (Full Self-Driving) तकनीक को इतना ताकतवर बना सकता है कि कार सड़क की परिस्थितियों को बेहतर समझे, तेजी से फैसले ले और ड्राइविंग में होने वाली गलतियों को कम कर सके।Tesla ने Samsung के साथ 16.5 अरब डॉलर (करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये) का बहुत बड़ा समझौता किया है, जिसके तहत Samsung की नई फैक्ट्री में Tesla का AI6 चिप बनाया जाएगा। यह चिप Tesla की कारों, रोबोट और AI सिस्टम का सबसे शक्तिशाली “दिमाग” माना जा रहा है, Tesla की आने वाली AI6 चिप कारों के “दिमाग” की तरह काम करेगी। यह मौजूदा चिप्स के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से डेटा प्रोसेस करेगी, सड़क की परिस्थितियों को बेहतर समझेगी, तेजी से निर्णय लेगी और Full Self-Driving (FSD) सिस्टम को अधिक सक्षम बनाएगी। चिप से कार का AI सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली और स्मार्ट हो जाएगा। इस सुपरचिप का निर्माण Samsung की टेक्सास फैक्ट्री में होगा। AI6 डिजाइनिंग चरण में है और इसके 2028 के आसपास बड़े पैमाने पर उत्पादन में आने की उम्मीद है।
Tesla सिर्फ कार कंपनी नहीं रहना चाहती। वह भविष्य में AI, रोबोट, रोबोटैक्सी, सुपरकंप्यूटर और कई स्मार्ट तकनीकों का बड़ा इकोसिस्टम बनाना चाहती है। Samsung के टेक्सास स्थित प्लांट में बने Tesla के AI6 चिप्स Tesla की कारों, Optimus रोबोट, रोबोटैक्सी नेटवर्क और AI डेटा सेंटरों को शक्ति देंगे।
AI चिप कैमरों और सेंसरों से मिलने वाली जानकारी को प्रोसेस करके तय करता है कि कार को कब ब्रेक लगानी है, कब मुड़ना है और कब रुकना है। Tesla का Optimus ह्यूमनॉइड रोबोट भी इसी चिप पर काम करेगा। भविष्य में रोबोट इंसानों की तरह चीजें पहचानने, समझने और फैसले लेने में ज्यादा सक्षम हो सकते हैं। Tesla इस चिप का इस्तेमाल अपने AI डेटा सेंटरों में भी करेगी। यही डेटा सेंटर अरबों किलोमीटर की ड्राइविंग जानकारी को प्रोसेस करके कारों को ट्रेन करते हैं।
