रिकॉर्ड पर कार बिक्री: इंडिया का ऑटो बाजार नई ऊंचाई पर

नई दिल्ली: इंडिया के ऑटोमोबाइल सेक्टर में FY 2025-26 कार बिक्री के लिहाज से एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है, जहां पूरे वर्ष, तिमाही और मासिक तीनों स्तरों पर रिकॉर्ड और तुलनात्मक रूप से मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। यदि सालाना आधार पर तुलना करें तो FY 2024-25 में जहां कुल 43,01,848 कारें बिकी वहीं FY 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 46,43,439 यूनिट हो गया यानी कुल मिलाकर 7.9% की वृद्धि दर्ज हुई। यह वृद्धि उस समय आई जब साल की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन बाद के महीनों में मांग ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली।

SIAM के जारी आंकड़ों के अनुसार, तिमाही आधार पर यह तेजी और स्पष्ट नजर आती है। जनवरी–मार्च 2025 (Q4 FY25) में कुल 11,62,560 कारों की बिक्री हुई थी, जबकि Q4 FY26 में यह बढ़कर 13,16,282 यूनिट तक पहुंच गई। यानी केवल एक तिमाही में लगभग 1.54 लाख यूनिट का अतिरिक्त उछाल देखने को मिला, जो 13.2% की वृद्धि को दर्शाता है। यह अब तक की किसी भी चौथी तिमाही की सबसे ऊंची बिक्री है, जो यह संकेत देती है कि साल के दूसरे हिस्से में बाजार में जबरदस्त तेजी आई।

मासिक आधार पर तुलना भी इसी ट्रेंड को मजबूत करती है। मार्च 2025 में जहां 3,81,358 कारें बिकी थीं, वहीं मार्च 2026 में यह संख्या बढ़कर 4,42,460 यूनिट हो गई। यानी सिर्फ एक महीने की तुलना में ही करीब 61,000 यूनिट की बढ़ोतरी हुई, जो 16% की सालाना वृद्धि को दर्शाती है। यह बताता है कि वित्त वर्ष के अंत में डिमांड अपने चरम पर थी और उपभोक्ताओं ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की।

सेगमेंट के अंदर तुलनात्मक आंकड़े और भी दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं। पूरे साल के आंकड़ों के अनुसार, Passenger Cars की बिक्री 13,53,287 से बढ़कर 13,78,771 यूनिट हुई, जो केवल 1.9% की सीमित वृद्धि है। इसके विपरीत, Utility Vehicles (SUVs) ने बाजार की दिशा बदल दी—इनकी बिक्री 27,97,229 से बढ़कर 31,05,025 यूनिट हो गई, यानी लगभग 3.08 लाख यूनिट का उछाल और 11% की वृद्धि। वहीं Vans की बिक्री भी 1,51,332 से बढ़कर 1,59,643 यूनिट तक पहुंची, जो 5.5% की वृद्धि दर्शाती है।

तिमाही स्तर पर भी यही ट्रेंड देखने को मिला। Q4 FY25 में Passenger Cars की बिक्री 3,76,772 यूनिट थी, जो Q4 FY26 में हल्की गिरावट के साथ 3,75,659 यूनिट रह गई (-0.3%)। वहीं Utility Vehicles की बिक्री 7,48,509 से बढ़कर 8,99,255 यूनिट हो गई, यानी 1.5 लाख से ज्यादा यूनिट का उछाल और 20.1% की तेज वृद्धि। Vans सेगमेंट में भी 37,279 से बढ़कर 41,368 यूनिट की बिक्री हुई, जो 11% की बढ़त को दर्शाती है।

यदि पूरे ऑटो सेक्टर के कुल परिप्रेक्ष्य में देखें तो FY 2025-26 में सभी वाहन श्रेणियों (कार, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल) की कुल घरेलू बिक्री 2,56,09,399 से बढ़कर 2,82,65,519 यूनिट हो गई, यानी कुल मिलाकर 10.4% की वृद्धि दर्ज हुई। इससे स्पष्ट है कि कार सेगमेंट इस व्यापक ग्रोथ का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है।

इसके अलावा, मार्च 2026 में कुल ऑटो उत्पादन 29,78,173 यूनिट रहा, जबकि Q4 (जनवरी–मार्च 2026) में कुल उत्पादन 93,36,821 यूनिट तक पहुंच गया। यह उत्पादन और बिक्री के बीच तालमेल को दर्शाता है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में मांग वास्तविक और स्थायी है।

निर्यात के मोर्चे पर भी कार सेगमेंट ने मजबूती दिखाई, जहां FY 2025-26 में 9.05 लाख यूनिट का निर्यात हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 17.5% अधिक है। साथ ही इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन में 80% से ज्यादा की वृद्धि ने इस सेगमेंट को अतिरिक्त गति दी।

कुल मिलाकर, सालाना, तिमाही और मासिक सभी स्तरों पर तुलनात्मक आंकड़ों का विश्लेषण यह दिखाता है कि इंडियन कार मार्केट अब एक नए ग्रोथ फेज में प्रवेश कर चुका है। SUVs की बढ़ती लोकप्रियता, बेहतर आर्थिक नीतियां, सस्ती फाइनेंसिंग और मजबूत उपभोक्ता मांग, ये सभी कारक मिलकर इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन की कहानी लिख रहे हैं और संकेत दे रहे हैं कि आने वाले वर्षों में यह रफ्तार और तेज हो सकती है।