इंडिया बनेगा ऑटो पार्ट्स का किंग, एक्सपोर्ट 23 अरब डॉलर पार : Avendus Capital

इंडिया बनेगा ऑटो पार्ट्स का किंग, एक्सपोर्ट 23 अरब डॉलर पार : Avendus Capital

नई दिल्ली: Avendus Capital की नई रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया का ऑटो कंपोनेंट मेटल फॉर्मिंग बाजार FY30 तक बढ़कर 90–95 अरब डॉलर (करीब 7.5–8 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। करीब 12% सालाना ग्रोथ के साथ यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इंडिया अब ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत खिलाड़ी बनता जा रहा है।

इंडिया में गाड़ियों के पार्ट्स बनाने वाला “मेटल फॉर्मिंग” सेक्टर आने वाले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ेगा। भारत अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दुनिया की कंपनियों के लिए भी बड़े पैमाने पर पार्ट्स बना रहा है। भारत अब बाहर से कम खरीदता है, बल्कि ज्यादा सामान विदेश भेज रहा है एक्सपोर्ट करीब 23 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

इन्वेस्टमेंट बैंक Avendus Capital की रिपोर्ट बताती है कि ऑटो इंडस्ट्री में काम करने का तरीका बदल रहा है। पहले कंपनियां हर तरह के अलग-अलग पार्ट्स बनाती थीं, लेकिन अब ज्यादा वैल्यू उन कंपनियों को मिल रही है जो किसी एक काम (जैसे कास्टिंग, फोर्जिंग, मशीनिंग) में एक्सपर्ट “हर काम थोड़ा-थोड़ा” करने वाली कंपनियों से ज्यादा आगे अब वही बढ़ेंगी जो “एक काम में माहिर” हैं।

Avendus Capital के मैनेजिंग डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य का कहना है कि अब सिर्फ ज्यादा उत्पादन करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी, क्वालिटी और एक्सपर्टीज ही असली ताकत होगी। भारत का ऑटो पार्ट्स सेक्टर FY25 में यह 80 अरब डॉलर पार कर चुका है। दुनिया की बड़ी कंपनियां अब सिर्फ चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। अब भारत सस्ता, कुशल इंजीनियरों वाला और मजबूत सप्लाई सिस्टम वाला देश होने के कारण तेजी से “मैन्युफैक्चरिंग हब” बन रहा है।

अब विदेश की कंपनियां भारत में ज्यादा काम करवाना चाहेंगी। इससे देश में बिजनेस और नौकरियां दोनों बढ़ेंगी। गाड़ियों के जरूरी मेटल पार्ट्स (जैसे कास्टिंग, फोर्जिंग, मशीनिंग) का काम खत्म नहीं होने वाला। चाहे पेट्रोल-डीजल गाड़ी (ICE) हो या इलेक्ट्रिक (EV), दोनों में ये पार्ट्स जरूरी रहेंगे। अब हल्के, मजबूत और ज्यादा सटीक पार्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। दुनिया में अभी भी 1.5 अरब से ज्यादा पेट्रोल-डीजल गाड़ियां चल रही हैं, जिनके पार्ट्स की रिप्लेसमेंट की मांग सालों तक बनी रहेगी।

इंडिया ऑटो पार्ट्स बनाने में दुनिया का बड़ा खिलाड़ी बनने की तरफ बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह सेक्टर तेजी से बढ़ेगा और भारत की पकड़ ग्लोबल बाजार में और मजबूत होगी।