नई दिल्ली: IBM और IndiaAI की नई रिपोर्ट ने के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI वर्ष 2030 तक इंडियन इकोनॉमी में 500 अरब डॉलर से ज्यादा का योगदान दे सकता है।
IBM की रिपोर्ट के अनुसार AI इंडिया को आर्थिक रूप से मजबूत देश बना सकता है। AI टेक्नोलॉजी से इंडिया की कंपनियां और कारोबार तेजी से आगे बढ़ेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक भारत दुनिया के बड़े AI देशों में शामिल हो सकता है। भारत में AI को लेकर कंपनियों और बिजनेस लीडर्स का भरोसा बढ़ रहा है। भारत को भविष्य में करोड़ों AI स्किल वाले लोगों की जरूरत पड़ेगी। AI से भारत में नई नौकरियां और नई टेक्नोलॉजी का विकास होगा। भारत ऐसा AI सिस्टम बनाना चाहता है, जिसमें डेटा सुरक्षित और देश के नियंत्रण में रहे। AI में निवेश बढ़ने से भारत की GDP और आर्थिक ताकत बढ़ सकती है।
‘From Promise to Power: How AI is Redefining India’s Economic Future’ नाम की इस रिपोर्ट के अनुसार 80% इंडियन बिजनेस लीडर्स का मानना है कि AI सीधे भारत की GDP ग्रोथ को प्रभावित करेगा। वहीं 73% अधिकारियों का विश्वास है कि 2030 तक भारत दुनिया के प्रमुख AI देशों में शामिल होगा। हालांकि रिपोर्ट में चेतावनी भी दी गई है कि भारत को AI अपनाने की रफ्तार तेज करनी होगी। 72% कंपनियों ने माना कि वे AI अपनाने में अभी दुनिया के दूसरे देशों से पीछे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 57% कंपनियों ने खराब डेटा क्वालिटी को बड़ी समस्या बताया, जबकि 77% अधिकारियों ने कहा कि सस्ती, सुरक्षित और मजबूत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी AI विकास में बाधा बन रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल केवल 30% कर्मचारियों के पास AI से जुड़ी जरूरी समझ और स्किल है। 2030 तक यह आंकड़ा 57% तक पहुंचाना होगा। इसके लिए भारत को 35 करोड़ से ज्यादा AI टैलेंट की जरूरत पड़ेगी। 74% अधिकारियों का कहना है कि डेटा कहां स्टोर हो रहा है, इस पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसी वजह से भारत में Sovereign Hybrid AI मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पोर्ट के अनुसार 15% कंपनियां AI को बड़े स्तर पर लागू कर चुकी हैं, जबकि 85% कंपनियां अभी पायलट प्रोजेक्ट चरण में हैं।
