41 साल पहले जांबाज क्रिकेटर ने ऑडी जीती, अब उसी जोशीले कमेंट्रेटर ने मोनाको GP में स्पीड का रोमांच लिया
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ तस्वीरें ऐसी हैं जो हमेशा याद रखी जाती हैं। उनमें से एक तस्वीर है 1985 की, जब Ravi Shastri ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर बेंसन एंड हेजेज वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ का खिताब जीता था और इनाम में चमचमाती Audi कार अपने नाम की थी। उस दौर में Audi जीतना किसी सपने के सच होने जैसा था और शास्त्री रातोंरात देश के सबसे चर्चित क्रिकेट सितारों में शामिल हो गए थे। करीब 41 साल बाद वही रवि शास्त्री एक बार फिर ऑटोमोबाइल जगत की सुर्खियों में हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार उनके हाथ में बल्ला नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मोटरस्पोर्ट इवेंट्स में से एक Formula 1 Monaco Grand Prix का रोमांच था। मोनाको की मशहूर सड़कों पर शास्त्री ने 250 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली हॉट लैप का अनुभव किया, जिसका विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मोनाको की संकरी और चुनौतीपूर्ण सड़कों पर जब हाई-परफॉर्मेंस कार बिजली की गति से दौड़ी तो रवि शास्त्री भी हैरान रह गए। वायरल विडियो में उन्हें अपने ही अंदाज में इस रोमांचक सफर का आनंद लेते देखा जा सकता है। तेज रफ्तार, खतरनाक मोड़ और दीवारों के बेहद करीब से गुजरती कार ने इस अनुभव को और भी रोमांचक बना दिया।
मोनाको ग्रां प्री को Formula 1 की सबसे प्रतिष्ठित रेसों में गिना जाता है। यहां ओवरटेक करना बेहद मुश्किल माना जाता है और ड्राइवरों की जरा सी गलती भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे ट्रैक पर 250 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार का अनुभव किसी एडवेंचर से कम नहीं होता। रवि शास्त्री का यह विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्रिकेट और मोटरस्पोर्ट्स दोनों के प्रशंसक इस विडियो को खूब पसंद कर रहे हैं। कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शास्त्री की कमेंट्री जितनी तेज है, उतनी ही तेज रफ्तार वाली सवारी का भी उन्होंने मजा ले लिया। मोनाको ग्रां प्री 2026 की क्वालिफाइंग में युवा ड्राइवर Kimi Antonelli ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोल पोजिशन हासिल की। उन्होंने 1 मिनट 12.051 सेकेंड का लैप टाइम निकाला और Max Verstappen को महज 0.043 सेकेंड से पीछे छोड़ दिया। वहीं Lewis Hamilton तीसरे और Charles Leclerc चौथे स्थान पर रहे। मोनाको जैसे ट्रैक पर पोल पोजिशन अक्सर जीत की सबसे बड़ी कुंजी मानी जाती है।
