• अक्टूबर में बिकीं 21,888 गाड़ियां, अक्टूबर में 23% की छलांग
• इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स का दम! Ashok Leyland के भारी ट्रकों की बिक्री 41% उछली
• कमर्शियल व्हीकल बाजार में Ashok Leyland का पावर शो!
• अक्टूबर में 21 हजार से ज्यादा वाहन बिके, घरेलू बिक्री से लेकर निर्यात तक दिखा शानदार ग्रोथ का दम
भारतीय कमर्शियल व्हीकल बाजार में ट्रकों की बढ़ती मांग ने Ashok Leyland के कारोबार को नई रफ्तार दे दी है। कंपनी ने अक्टूबर 2026 में बिक्री के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सालाना आधार पर 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान कंपनी ने कुल 21,888 वाहनों की बिक्री की, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 17,820 यूनिट था। कंपनी की इस दमदार ग्रोथ में मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) ट्रकों की सबसे बड़ी भूमिका रही। भारी ट्रकों की बिक्री में 41 फीसदी का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
Ashok Leyland के लिए अक्टूबर का सबसे शानदार प्रदर्शन M&HCV ट्रक सेगमेंट में देखने को मिला। इस श्रेणी में कंपनी ने 11,613 ट्रक बेचे, जबकि पिछले साल इसी महीने 41 फीसदी कम बिक्री हुई थी। ट्रकों की मांग में यह तेजी माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे से जुड़ी गतिविधियों में बढ़ती जरूरतों का संकेत देती है। सड़क निर्माण, औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन के विस्तार के बीच भारी ट्रकों की मांग कमर्शियल व्हीकल कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन रही है।
कंपनी ने घरेलू बाजार में भी शानदार प्रदर्शन किया। अक्टूबर में घरेलू बिक्री 24 फीसदी बढ़कर 20,224 यूनिट पर पहुंच गई। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 16,309 वाहनों की बिक्री की थी। घरेलू बाजार में M&HCV ट्रकों की मजबूत मांग के साथ लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) सेगमेंट ने भी कारोबार को सहारा दिया।
लाइट कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में Ashok Leyland ने अक्टूबर में 7,961 यूनिट की बिक्री दर्ज की। यह पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी अधिक है। छोटे और मध्यम कारोबार, शहरी माल ढुलाई तथा अंतिम छोर तक डिलीवरी की बढ़ती जरूरतों के बीच LCV सेगमेंट की अहमियत लगातार बढ़ रही है।
हालांकि, कंपनी के लिए बस सेगमेंट से थोड़ी निराशाजनक खबर रही। अक्टूबर में बसों की बिक्री 11 फीसदी घटकर 2,314 यूनिट रह गई। इससे साफ है कि कंपनी की कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान ट्रक कारोबार का रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। अक्टूबर में निर्यात 10.5 फीसदी बढ़कर 1,664 यूनिट पर पहुंच गया। घरेलू बाजार की शानदार मांग और निर्यात में बढ़ोतरी ने कंपनी की कुल बिक्री को नई ऊंचाई दी।
कुल मिलाकर, Ashok Leyland के अक्टूबर के आंकड़े बताते हैं कि कमर्शियल व्हीकल बाजार में भारी ट्रकों की मांग कारोबार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। अगर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई से जुड़ी गतिविधियों में यही तेजी बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में कंपनी की ग्रोथ को और मजबूती मिल सकती है।
