दिल्ली-NCR में CNG ऑटो पर संकट : FADA ने उठाई आवाज, कहा- स्वच्छ ईंधन को रोकना प्रदूषण नियंत्रण नहीं

दिल्ली-NCR में CNG ऑटो पर संकट : FADA ने उठाई आवाज, कहा- स्वच्छ ईंधन को रोकना प्रदूषण नियंत्रण नहीं

नई दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ परिवहन को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। एक ओर वायु प्रदूषण से जंग के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े संगठन इस रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं। इसी कड़ी में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने दिल्ली-एनसीआर में नए CNG ऑटो रिक्शा के पंजीकरण पर प्रस्तावित रोक का कड़ा विरोध किया है।

FADA की दिल्ली इकाई ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि CNG आधारित तीन-पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाना सरकार की वर्षों पुरानी स्वच्छ ईंधन नीति के विपरीत होगा। संगठन का तर्क है कि जिस CNG को कभी दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए बड़े अभियान के तहत अपनाया गया था, आज उसी ईंधन को हतोत्साहित करना तर्कसंगत नहीं माना जा सकता।

दरअसल, CAQM ने हाल ही में निर्देश जारी करते हुए दिल्ली-एनसीआर में चरणबद्ध तरीके से केवल इलेक्ट्रिक L5 श्रेणी के तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण का फैसला किया है। इसके तहत दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से, जबकि गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में 1 जनवरी 2028 से केवल इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा। पूरे NCR में यह व्यवस्था 1 जनवरी 2029 तक लागू करने की योजना है। FADA का कहना है कि यह फैसला प्रदूषण कम करने के उद्देश्य को ही कमजोर कर सकता है। संगठन के मुताबिक, नए BS-VI और OBD-II मानकों वाले CNG ऑटो अपेक्षाकृत स्वच्छ हैं, लेकिन प्रस्तावित नीति के कारण इनके रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ पुराने BS-IV और उससे पहले के अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ऑटो वैध परमिट के साथ सड़कों पर चलते रहेंगे। ऐसे में प्रदूषण कम होने के बजाय पुराने वाहनों की उम्र और बढ़ सकती है।

संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि दिल्ली की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी का बड़ा हिस्सा CNG ऑटो रिक्शा पर आधारित है। करीब एक लाख ऑटो परमिट धारकों के साथ-साथ हजारों डीलरशिप कर्मचारियों, फाइनेंस कंपनियों और फ्लीट ऑपरेटरों की आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। FADA ने समाधान के तौर पर स्क्रैपेज आधारित नवीनीकरण योजना का सुझाव दिया है। संगठन चाहता है कि पुराने BS-IV और उससे पुराने ऑटो हटाकर उनकी जगह BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक वाहन लाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए। उसके अनुसार यही रास्ता प्रदूषण नियंत्रण और रोजगार सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है।