• ग्रामीण सेवा चालकों को पुरानी गाड़ी हटाने पर मिल सकता है 15,000 रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव
• दिल्ली में केवल 2.5 लाख लोगों को ही मिलेंगे ई-रिक्शा परमिट
नई दिल्ली। दिल्ली में ई-रिक्शा वालों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। राजधानी की नई EV Policy 2.0 के तहत पुराने ई-रिक्शा हटाओ और ₹5,000 तक पाओ की योजना पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। वहीं CNG से चलने वाली ग्रामीण सेवा (ग्रामीण सेवा) गाड़ियों के मालिकों को भी 15,000 रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिल सकता है। सरकार का मानना है कि इससे नए और आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर आएंगे, जिससे प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2015 से दिसंबर 2022 के बीच दिल्ली में रजिस्टर्ड यात्री ई-रिक्शा मालिकों को वाहन स्क्रैप कराने पर 5,000 रुपये का इंसेंटिव दिया जा सकता है। इसके लिए अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र से प्राप्त Certificate of Deposit जमा करना होगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अभी लिया जाना बाकी है। दिल्ली सरकार CNG से चलने वाले ग्रामीण सेवा वाहनों को भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर लाने की योजना बना रही है। इसके तहत ऐसे वाहनों को स्क्रैप करने पर 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार सड़कों पर बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। प्रस्तावित नीति के तहत दिल्ली में ई-रिक्शा परमिट की संख्या 2.5 लाख तक सीमित की जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इससे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और अव्यवस्थित संचालन पर रोक लगेगी।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने अप्रैल में EV Policy 2.0 का मसौदा जारी कर उद्योग जगत, हितधारकों और आम लोगों से सुझाव मांगे थे। अब प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम मसौदा तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अगले दो सप्ताह के भीतर नीति को अंतिम रूप देकर दिल्ली कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है। यदि EV Policy 2.0 को मंजूरी मिल जाती है तो हजारों ई-रिक्शा और ग्रामीण सेवा वाहन संचालकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही पुराने वाहनों की जगह नए इलेक्ट्रिक वाहन आने से प्रदूषण कम होगा, ईंधन पर निर्भरता घटेगी और राजधानी में स्वच्छ, आधुनिक तथा टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
