बिहार की धरती पर EV क्रांति की दस्तक , 23 जिलों में बनेंगे 129 EV चार्जिंग स्टेशन

बिहार की धरती पर EV क्रांति की दस्तक , 23 जिलों में बनेंगे 129 EV चार्जिंग स्टेशन

5 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग का इंतजाम तेज, बिहार ने बनाया बड़ा प्लान

ई-रिक्शा से कार तक, बिहार में बढ़ेगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार

बिहार की सड़कों पर 5.1 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे हैं और अब सरकार इन वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है। पहले चरण में राज्य के 23 जिलों में 129 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन लगाने का प्रस्ताव है। इसके लिए जमीन, बिजली कनेक्शन और जगह की उपयोगिता जांचने का काम शुरू हो गया है। सरकार का मकसद साफ है। EV बढ़ रहे हैं तो चार्जिंग की सुविधा भी उसी रफ्तार से बढ़ाई जाए।
प्रस्तावित नेटवर्क के लिए पहले चरण में 72 जगहों का सर्वे किया जा रहा है। 17 से 20 अगस्त तक पटना, गया, वैशाली, पूर्णिया, नालंदा और छपरा में सर्वे होगा। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) की टीम भारी उद्योग मंत्रालय के साथ मिलकर यह काम कर रही है। टीम यह देखेगी कि चुनी गई जगह पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए पर्याप्त जमीन, बिजली कनेक्शन, पहुंच और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
चार्जिंग नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसमें प्रमुख हाइवे और शहरी इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले EV मालिकों के साथ शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना के तहत लागू की जा रही है। सितंबर 2024 में शुरू हुई इस योजना के लिए कुल 10,900 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसमें 2,000 करोड़ रुपये सार्वजनिक EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए रखे गए हैं। जुलाई 2026 तक बिहार में 5.1 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड थे। इनमें करीब 3.37 लाख ई-रिक्शा, 92,895 इलेक्ट्रिक दोपहिया, 61,983 यात्री तीनपहिया, 4,093 मालवाहक तीनपहिया और 3,847 इलेक्ट्रिक कारें शामिल हैं। राज्य में 50 इलेक्ट्रिक बसें भी दर्ज हैं। सरकार का मानना है कि मजबूत चार्जिंग नेटवर्क से लोगों का EV पर भरोसा बढ़ेगा, लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को सर्वे टीम को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तय समय में जगहों का चयन किया जा सके।