लद्दाख की झील में कार दौड़ाने पर चला कानून का डंडा, 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ा
अगर आप लद्दाख की खूबसूरत वादियों, पैंगोंग झील या वन्यजीव अभयारण्यों में कार लेकर स्टंट करने की सोच रहे हैं, तो अब सावधान हो जाइए। लद्दाख प्रशासन ने पहली बार अवैध ऑफ-रोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए चार पर्यटकों पर कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। चारों से 50-50 हजार रुपये वसूले गए, उनकी गाड़ियां जब्त की गईं और जुर्माना भरने के बाद ही छोड़ी गईं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पैंगोंग झील, नदियों, वन्यजीव क्षेत्रों और संरक्षित इलाकों में स्टंट या ऑफ-रोडिंग अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी अब कार्रवाई का आधार बनेंगे।
लद्दाख प्रशासन ने यह कार्रवाई उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के निर्देश पर की है। हाल के दिनों में पर्यटकों द्वारा पैंगोंग झील, नदी-नालों और संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में एसयूवी उतारकर स्टंट करने के मामले तेजी से बढ़ रहे थे। इससे न केवल नाजुक पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि दुर्लभ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहे थे।
वन्यजीव विभाग के अनुसार कार्रवाई 26 जून को की गई। चार अलग-अलग मामलों में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के वाहन मालिकों को दोषी पाया गया। इन सभी ने पैंगोंग झील, चांगथांग कोल्ड डेजर्ट वाइल्डलाइफ सेंचुरी, नुब्रा घाटी और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में अवैध रूप से वाहन चलाए थे। सभी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सबसे चर्चित मामला 23 जून का है, जब पंजाब नंबर की महिंद्रा थार को पैंगोंग झील के पानी के भीतर स्टंट करते हुए पाया गया। जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने जानबूझकर झील के अंदर वाहन उतारा, जिससे झील के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचा। वाहन को तुरंत जब्त कर लिया गया। एक अन्य मामले में 21 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुए विडियो में उत्तर प्रदेश नंबर की हुंडई क्रेटा पैंगोंग झील के पास लुकुंग क्षेत्र में ऑफ-रोडिंग करती दिखाई दी। वन विभाग और पुलिस ने उसी दिन चांगला दर्रे के पास वाहन को पकड़कर जब्त कर लिया।
20 जून को वायरल हुए वीडियो में पंजाब नंबर की एक महिंद्रा थार को काराकोरम (नुब्रा-श्योक) वन्यजीव अभयारण्य के भीतर नदी में वाहन चलाते देखा गया। खुफिया जानकारी और पुलिस की मदद से वाहन को अगले दिन बरामद कर लिया गया।
17 जून को हिमाचल प्रदेश नंबर की टोयोटा फॉर्च्यूनर चांगथांग कोल्ड डेजर्ट वाइल्डलाइफ सेंचुरी के नूरबू ला क्षेत्र में ऑफ-रोडिंग करते हुए और तिब्बती गज़ेल का पीछा करते हुए दिखाई दी। रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद वाहन को हानले के एक होमस्टे के बाहर से जब्त किया गया।
