दिल्ली में फ्लेक्स-फ्यूल कारों का फ्लॉप शो! महीनेभर में सिर्फ चार रजिस्ट्रेशन

दिल्ली में फ्लेक्स-फ्यूल कारों का फ्लॉप शो! महीनेभर में सिर्फ चार रजिस्ट्रेशन

E85 पर चलने वाली कारों के कम मॉडल, कम फ्यूल स्टेशन

EV की चमक में दब गई फ्लेक्स-फ्यूल कारों की शुरुआत

नई दिल्ली। पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) कारों को लेकर फिलहाल दिल्ली के लोगों में खास उत्साह नहीं दिख रहा है। देश में इस तकनीक की पैसेंजर कारें लॉन्च होने के बाद भी राजधानी में अब तक सिर्फ 4 फ्लेक्स-फ्यूल कारों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। सरकारी वाहन (Vahan) पोर्टल के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। जून में पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च होने के बाद 3 कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि जुलाई में अब तक सिर्फ 1 नई कार रजिस्टर्ड हुई है। इसी दौरान एक कंपनी ने फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल भी बाजार में उतारी है।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन पेट्रोल, एथेनॉल या दोनों के मिश्रण पर चलते हैं। ये E85 और E100 जैसे हाई-एथेनॉल ईंधन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें एथेनॉल-रेजिस्टेंट पार्ट्स, विशेष फ्यूल इंजेक्टर, अपडेटेड इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) और स्मार्ट सेंसर लगाए जाते हैं, जो ईंधन के मिश्रण के अनुसार इंजन को अपने आप एडजस्ट कर देते हैं।
दिल्ली में फ्लेक्स-फ्यूल कारों की शुरुआती कीमत करीब 7.20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जबकि फ्लेक्स-फ्यूल बाइक 72,792 रुपये से 1.24 लाख रुपये के बीच उपलब्ध हैं। E85 ईंधन फिलहाल चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर करीब 82 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की धीमी बिक्री की सबसे बड़ी वजह कम मॉडल, सीमित E85 फ्यूल स्टेशन, सर्विस नेटवर्क की कमी और दिल्ली सरकार का इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर ज्यादा जोर है। E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस ने भी कुछ ग्राहकों के मन में संशय पैदा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार अपने वाहन बेड़े में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों का इस्तेमाल शुरू करे, ईंधन की उपलब्धता बढ़ाए और लोगों का भरोसा मजबूत करे, तो आने वाले समय में इन वाहनों की बिक्री में तेजी आ सकती है।