अलवर। इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग पावर को नई रफ्तार देते हुए TAFE Motors ने जर्मनी की दुनिया की सबसे पुरानी इंजन निर्माता कंपनी DEUTZ AG के साथ मिलकर राजस्थान के अलवर में अत्याधुनिक इंजन उत्पादन इकाई शुरू कर दी है। यह पहली बार है जब दोनों कंपनियां भारत में मिलकर इंजन का निर्माण करेंगी। इस नई यूनिट से न सिर्फ भारत की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी, बल्कि यहां बने इंजन घरेलू बाजार के साथ दुनिया के कई देशों में भी भेजे जाएंगे।
हर साल बनेंगे 35 हजार इंजन
नई उत्पादन इकाई में 2.2 लीटर और 2.9 लीटर DEUTZ लाइसेंस प्राप्त इंजन बनाए जाएंगे। इनका उपयोग कृषि मशीनों, निर्माण उपकरणों, फोर्कलिफ्ट, जेनरेटर, डिफेंस और अन्य औद्योगिक मशीनों में होगा। कंपनी के मुताबिक, इस प्लांट की सालाना क्षमता 35,000 इंजन और 50,000 सब-असेंबली तैयार करने की है।
Industry 4.0 टेक्नोलॉजी से लैस है प्लांट
यह प्लांट पूरी तरह Industry 4.0 तकनीक पर आधारित है। यहां डिजिटल कनेक्टिविटी, रोबोटिक्स, कोबोट्स (Collaborative Robots), विज़न सिस्टम, ऑटोमेशन और एडवांस क्वालिटी टेस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। हर इंजन की डिजिटल ट्रेसबिलिटी होगी ताकि वैश्विक गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
‘Made in Rajasthan for the World’ को मिली नई ताकत
नई यूनिट का उद्घाटन राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान को एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है और ‘Made in Rajasthan for the World’ की सोच को नई पहचान देगी। उन्होंने कहा कि यह निवेश आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती देगा।
2030 तक 5.5 लाख इंजन बनाने का लक्ष्य
TAFE की चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा कि यह कंपनी की विकास यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। उन्होंने बताया कि TAFE और अमलगमेशंस ग्रुप की कुल इंजन उत्पादन क्षमता 2030 तक 4 लाख से बढ़ाकर 5.5 लाख इंजन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि DEUTZ के साथ साझेदारी से जर्मन इंजीनियरिंग और भारतीय मैन्युफैक्चरिंग का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा।
40% वर्कफोर्स महिलाएं, जेंडर डाइवर्सिटी पर फोकस
TAFE की वाइस चेयरमैन डॉ. लक्ष्मी वेणु ने बताया कि इस नई यूनिट में 40 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं हैं। उनका कहना था कि कंपनी आधुनिक तकनीक के साथ-साथ जेंडर डाइवर्सिटी और स्किल डेवलपमेंट पर भी लगातार निवेश कर रही है।
भारत से दुनिया तक पहुंचेगी नई टेक्नोलॉजी
TAFE के CEO संदीप सिन्हा ने कहा कि यह यूनिट ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आधुनिक इंजन टेस्टिंग सिस्टम से लैस है, जिससे भारत में विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले इंजन बड़े पैमाने पर तैयार किए जा सकेंगे। वहीं, DEUTZ AG के CEO डॉ. सेबेस्टियन शुल्टे ने कहा कि अलवर में नई इंजन असेंबली लाइन दोनों कंपनियों की साझेदारी का महत्वपूर्ण पड़ाव है और यह साझा विजन को वास्तविकता में बदलने का उदाहरण है।
राजस्थान के लिए क्यों है बड़ी खबर?
इस परियोजना से राजस्थान में इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, सप्लाई चेन मजबूत होगी और राज्य वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग मैप पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। कुल मिलाकर, TAFE Motors और DEUTZ की यह साझेदारी सिर्फ एक नई फैक्ट्री की शुरुआत नहीं, बल्कि इंडिया को एडवांस इंजन मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
