नई दिल्ली : Maruti Suzuki India ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दो नई बायोगैस परियोजनाओं की घोषणा की है। कंपनी हरियाणा के खरखौदा प्लांट में 10 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता का नया बायोगैस प्लांट स्थापित करेगी, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान चालू किया जाएगा। इसके साथ ही मानेसर स्थित मौजूदा बायोगैस प्लांट की क्षमता 0.2 TPD से बढ़ाकर 0.7 TPD कर दी गई है।
इन दोनों परियोजनाओं पर कंपनी करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। Maruti Suzuki का कहना है कि ये पहल केंद्र सरकार के ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के अनुरूप हैं और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद करेंगी। खरखौदा में बनने वाला 10 TPD बायोगैस प्लांट पूरी क्षमता पर संचालित होने के बाद सालाना लगभग 9,490 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा। यह प्लांट फैक्ट्री की कुल गैस आवश्यकता का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगा।
मानेसर प्लांट के विस्तार के बाद यहां हर वर्ष करीब 3.6 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर बायोगैस का उत्पादन होगा, जिससे लगभग 664 टन CO₂ उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। इस संयंत्र में खाद्य अपशिष्ट, नेपियर घास और धान के पुआल का उपयोग किया जाता है। जरूरत पड़ने पर गोबर को भी फीडस्टॉक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ Hisashi Takeuchi ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, जीवाश्म ईंधन की खपत घटाने और देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में योगदान देने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट बेहद महत्वपूर्ण हैं।
Maruti Suzuki ने बताया कि वह वित्त वर्ष 2030-31 तक ग्रीन एनर्जी पहलों पर कुल 925 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी की सौर ऊर्जा क्षमता वर्तमान में 79 मेगावाट पीक (MWp) है, जिसे बढ़ाकर 319 MWp तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
