अब 10-12 लाख की कारों में भी मिलेगा ADAS! सस्ती कारें भी होंगी स्मार्ट

अब 10-12 लाख की कारों में भी मिलेगा ADAS! सस्ती कारें भी होंगी स्मार्ट

Aumovio का बड़ा दांव, सिंगल कैमरे से मिलेगी Level-2 स्मार्ट ड्राइविंग

कम कीमत वाली कारों में भी आएगा ऑटोमैटिक ड्राइविंग फीचर

AI पहचान लेगा पैदल यात्री, थ्री-व्हीलर और सड़क का हर खतरा

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ADAS जैसे सेफ्टी फीचर आमतौर पर 15–20 लाख रुपये या उससे महंगी कारों में मिलते हैं, क्योंकि इनमें कई कैमरे, रडार और सेंसर लगे होते हैं। इनकी वजह से सिस्टम महंगा हो जाता है। Aumovio India ऐसी नई तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें कई कैमरों और रडार की जगह सिर्फ एक कैमरे का इस्तेमाल होगा। इस कैमरे के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम करेगा, जो सड़क पर मौजूद वाहन, पैदल यात्री, बाइक, ऑटो, ट्रक और दूसरी बाधाओं को पहचान सकेगा। Level-2 Assisted Driving में कार कुछ काम खुद कर सकती है, जैसे आगे वाले वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रख सकती है। जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकती है।लेन के अंदर कार को बनाए रखने में मदद करना। ट्रैफिक में ड्राइवर की सहायता करना।  हालांकि, ड्राइवर को हमेशा स्टीयरिंग पर हाथ और सड़क पर ध्यान रखना होगा।

कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम भारतीय सड़कों की भीड़, ऑटो-रिक्शा, दोपहिया वाहन, बिना लेन वाले रास्तों और अलग-अलग तरह के ट्रैफिक को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो आने वाले समय में 10–12 लाख रुपये की कारों में भी ADAS जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर मिल सकते हैं।

कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ प्रशांत दोरेस्वामी के अनुसार कंपनी ने ऐसा AI आधारित सिंगल-कैमरा सिस्टम तैयार किया है, जो कम हार्डवेयर में भी बेहतर प्रदर्शन कर सके। यह सिस्टम केवल सामने मौजूद वाहन ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों, दुकानों के बाहर रखे डमी (मैनिक्विन), ढीले कपड़े पहनने वाले लोगों, तीन-पहिया वाहनों पर लदे सामान और अव्यवस्थित ट्रैफिक जैसी भारतीय परिस्थितियों को भी पहचान सकता है। Aumovio का लक्ष्य देश की पहली ऐसी कंपनी बनना है, जो सिंगल-कैमरा ADAS सिस्टम का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करे।

कंपनी सितंबर 2025 में Continental से अलग होने के बाद तेजी से AI आधारित इंजीनियरिंग पर काम कर रही है। Aumovio का कहना है कि AI की मदद से वाहन विकास की प्रक्रिया पहले से कहीं तेज हो गई है। कंपनी ने ब्रेक सिस्टम डेवलपमेंट में AI का इस्तेमाल कर विकास का समय करीब 50% तक घटा दिया है।  Aumovio ने Automated Parking Assist (APA) सिस्टम भी विकसित किया है, जो भारत में सबसे पहले Tata Harrier EV में दिया गया था। यह सिस्टम बिना पार्किंग लाइन वाली जगह पर भी कार पार्क करने में मदद करता है। कंपनी का बेंगलुरु टेक्नोलॉजी सेंटर अब ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक का ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन चुका है। Aumovio का मानना है कि भविष्य में कारों की बिक्री से ज्यादा कमाई उनमें इस्तेमाल होने वाली स्मार्ट टेक्नोलॉजी से होगी और भारत इस बदलाव का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।