फेस्टिवल से पहले मारुति की बल्ले-बल्ले, बिक्री 30% बढ़ी, बुकिंग 2 लाख के पार

फेस्टिवल से पहले मारुति की बल्ले-बल्ले, बिक्री 30% बढ़ी, बुकिंग 2 लाख के पार

Brezza की बुकिंग पहुंची 95 हजार पार, जल्द छुएगी 1 लाख का आंकड़ा

मारुति की डिमांड ने बढ़ाई टेंशन! सिर्फ 17 दिन का स्टॉक, 2 लाख से ज्यादा ऑर्डर पेंडिंग

SUV से हैचबैक तक मारुति का जलवा!

खरखौदा प्लांट से बढ़ेगी कारों की रफ्तार! प्रॉडक्शन बढ़ाने में जुटी कंपनी

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के सामने त्योहारी सीजन से पहले एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कंपनी के पास 2 लाख से ज्यादा कारों की बुकिंग पेंडिंग है। 1 अक्टूबर तक कंपनी के नेटवर्क में महज 17 दिन का स्टॉक बचा था। ग्राहकों की मजबूत मांग को देखते हुए मारुति ने उत्पादन बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है।

कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी के मुताबिक, 1 अक्टूबर तक 2 लाख से अधिक बुकिंग लंबित थीं। मांग और सप्लाई के बीच इस अंतर को कम करने के लिए हरियाणा के खरखौदा प्लांट में उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। यहां नई प्रोडक्शन लाइन पर खासतौर पर Brezza जैसे ज्यादा मांग वाले मॉडल बनाए जा रहे हैं।

सितंबर में मारुति की कुल घरेलू बिक्री, जिसमें अन्य OEM को की गई बिक्री भी शामिल है, 30% बढ़कर 1,91,794 यूनिट पहुंच गई। इससे त्योहारी सीजन में मांग मजबूत रहने के संकेत मिल रहे हैं।

मारुति के ऑर्डर बुक में Brezza का बड़ा योगदान है। इसकी बुकिंग 95,000 यूनिट से पार हो चुकी है और कंपनी के अनुसार जल्द ही यह आंकड़ा 1 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। सितंबर में Brezza की 15,000 से ज्यादा यूनिट बिकीं।

Brezza की बुकिंग में पावरट्रेन के हिसाब से 38% टर्बो, 40% अंडरबॉडी CNG और 22% 1.5-लीटर पेट्रोल वेरिएंट की हिस्सेदारी बताई गई है।

मारुति की रिफ्रेश्ड Baleno को भी लॉन्च के पहले महीने में करीब 25,000 यूनिट की बिक्री मिली। यानी कंपनी के छोटे और प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में भी मांग मजबूत बनी हुई है।

सितंबर में मारुति ने 44,219 कारों का निर्यात किया, जो सालाना आधार पर करीब 5% ज्यादा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का निर्यात रिकॉर्ड 2.32 लाख यूनिट रहा, जिसमें सालाना आधार पर 12.2% की वृद्धि दर्ज हुई।

कंपनी के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान भारत से होने वाले कार निर्यात में मारुति की हिस्सेदारी 52% रही।

मारुति के अनुसार पहली छमाही में एंट्री-लेवल हैचबैक की बिक्री 86%, मिड-हैचबैक की बिक्री 40% और SUV बिक्री 56% बढ़ी। इससे पता चलता है कि मांग सिर्फ एक सेगमेंट तक सीमित नहीं है।

त्योहारी सीजन से पहले अब मारुति के लिए सबसे बड़ी चुनौती मजबूत बुकिंग को समय पर डिलीवरी में बदलना है। कंपनी उत्पादन बढ़ाकर सप्लाई बेहतर करने पर जोर दे रही है।