INDIA ने थामी EV क्रांति की मशाल, Sun Mobility का ग्लोबल मिशन शुरू

INDIA ने थामी EV क्रांति की मशाल, Sun Mobility का ग्लोबल मिशन शुरू

नई दिल्ली। इंडिया की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंडस्ट्री अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही। बेंगलुरु की Sun Mobility अब दुनिया के कई देशों में अपनी तकनीक का परचम लहराने की तैयारी में है। कंपनी ने भारत में बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क खड़ा करने के बाद अब अपनी बैटरी, सॉफ्टवेयर, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS), चार्जिंग तकनीक और डेटा एनालिटिक्स को विदेशी कंपनियों तक पहुंचाने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत अफ्रीका और फिलीपींस से होगी।
अब तक विदेशी कंपनियां भारत में तकनीक लेकर आती थीं, लेकिन अब एक भारतीय कंपनी अपनी स्वदेशी तकनीक को दुनिया के बाजार में बेचने जा रही है। भारत अब केवल EV का बाजार नहीं, बल्कि EV टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट करने वाला देश भी बन रहा है।

Sun Mobility ने पिछले करीब दस वर्षों में भारत में 1,900 से ज्यादा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। अब कंपनी का फोकस केवल स्टेशन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि अपनी तकनीक से कमाई बढ़ाने पर है। कंपनी के पास बैटरी, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, चार्जिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर और बैटरी स्वैपिंग से जुड़ी करीब 400 पेटेंट तकनीकें हैं। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसका डेटा प्लेटफॉर्म भी है। इस समय 1.20 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन उसके नेटवर्क से जुड़े हैं। इन वाहनों से रोजाना लगभग 20 टेराबाइट डेटा मिलता है, जिसकी मदद से बैटरी की स्थिति, चार्जिंग पैटर्न, सुरक्षा और वाहनों की कार्यक्षमता का लगातार विश्लेषण किया जाता है।

विदेश में विस्तार के लिए कंपनी ने सबसे पहले अफ्रीका को चुना है। वहां Vivo Energy के साथ साझेदारी की गई है। अफ्रीका में बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलें टैक्सी के रूप में चलती हैं और रोज लंबी दूरी तय करती हैं। ऐसे में कुछ मिनट में बैटरी बदलने की सुविधा वहां बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। इसके बाद कंपनी फिलीपींस में भी अपने कारोबार का विस्तार करेगी। कंपनी का अनुमान है कि अगले 3 से 5 वर्षों में उसके कुल कारोबार का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा विदेशी बाजारों से आएगा। इसके लिए शुरुआती चरण में 5 से 10 मिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा। हाल के वर्षों में कंपनी ने करीब 138 मिलियन डॉलर की नई पूंजी भी जुटाई है, जिसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय विस्तार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और नई तकनीकों के विकास में किया जा रहा है।

Sun Mobility ने हाल ही में भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों के लिए दुनिया का पहला Modular Multi-Battery Swappable System भी पेश किया है। इस तकनीक में दो बैटरियां पांच मिनट से भी कम समय में बदली जा सकती हैं, जिससे चार्जिंग में लगने वाला लंबा इंतजार खत्म हो जाता है।