INDIA बनेगा EV पावरट्रेन हब, जापान की कंपनी से मिलाया हाथ

INDIA बनेगा EV पावरट्रेन हब, जापान की कंपनी से मिलाया हाथ

नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक गाड़ी में बैटरी जितनी जरूरी होती है, उतने ही जरूरी मोटर, इन्वर्टर और ई-एक्सल जैसे पार्ट्स भी होते हैं। यही पार्ट्स बैटरी की बिजली को पहियों तक पहुंचाकर गाड़ी चलाते हैं। इंडिया की ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी Sona BLW Precision Forgings (Sona Comstar) और जापान की बड़ी ऑटो टेक्नोलॉजी कंपनी DENSO Corporation ने मिलकर इलेक्ट्रिक (EV) और हाइब्रिड वाहनों के लिए जरूरी सिस्टम बनाने का फैसला किया है। दोनों कंपनियां मिलकर इंडिया में दो संयुक्त कंपनियां बनाएंगी, जो इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों, ट्रकों, बसों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए आधुनिक पावरट्रेन सिस्टम तैयार करेंगी।

इस साझेदारी का मकसद इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों, ट्रकों, बसों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए मोटर, इन्वर्टर, जनरेटर और ई-एक्सल जैसे अहम पार्ट्स तैयार करना है। ये तकनीक भारत में विकसित होगी और यहां से देश-विदेश के बाजारों में सप्लाई की जाएगी। पहली संयुक्त कंपनी बड़ी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों के लिए हाई-वोल्टेज लिक्विड-कूल्ड ट्रैक्शन इन्वर्टर, मोटर और जनरेटर बनाएगी। इसमें DENSO की 51% हिस्सेदारी होगी और कंपनी का संचालन भी वही करेगी, जबकि Sona Comstar के पास 49% हिस्सेदारी रहेगी।

दूसरी संयुक्त कंपनी दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एयर-कूल्ड ट्रैक्शन इन्वर्टर, मोटर, जनरेटर और ई-एक्सल तैयार करेगी। इसमें Sona Comstar की 51% हिस्सेदारी और प्रबंधन रहेगा, जबकि DENSO 49% हिस्सेदारी खरीदेगी। इस कंपनी का मूल्य करीब 1,750 करोड़ रुपये तय किया गया है। दोनों कंपनियां अपनी-अपनी तकनीक और विशेषज्ञता नई कंपनियों को उपलब्ध कराएंगी। इसके बदले उन्हें रॉयल्टी मिलेगी।

Sona Comstar के एमडी और ग्रुप सीईओ विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है और इससे इलेक्ट्रिक पावरट्रेन कारोबार को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं DENSO का कहना है कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिहाज से तेजी से बढ़ता हुआ बड़ा बाजार है और यह साझेदारी भविष्य में वैश्विक स्तर पर भी नए अवसर पैदा करेगी।
अगर किसी इलेक्ट्रिक वाहन का बैटरी पैक उसका दिल है, तो मोटर, इन्वर्टर और ई-एक्सल उसकी ताकत और दिमाग हैं। यही पार्ट्स बैटरी की बिजली को पहियों तक पहुंचाकर गाड़ी चलाते हैं। अब ये अहम तकनीक भारत में विकसित और बनाई जाएगी, जिससे देश का EV उद्योग और मजबूत होगा।