INDIA बनेगा Kubota का ग्लोबल हब,UP में 2,000 करोड़ का प्लांट शुरू

INDIA बनेगा Kubota का ग्लोबल हब,UP में 2,000 करोड़ का प्लांट शुरू

जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा हजारों करोड़ का प्लांट, 60 हजार ट्रैक्टर सालाना बनेंगे

यूपी में गूंजेगी ट्रैक्टरों की रफ्तार, Escorts Kubota लगाएगा 154 एकड़ में फैक्ट्री

नोएडा/लखनऊ। ट्रैक्टर और कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनी Escorts Kubota ने उत्तर प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश वाले नए प्लांट की नींव रख दी है। यह ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गौतम बुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के औद्योगिक क्षेत्र में बनेगा। कंपनी के मुताबिक, 154 एकड़ जमीन पर बनने वाली यह फैक्ट्री चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी।
पूरी तरह तैयार होने के बाद यह प्लांट Kubota Group की दुनिया की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में शामिल हो सकता है। यहां बनने वाले ट्रैक्टर और दूसरे उपकरण सिर्फ भारत में नहीं बिकेंगे, बल्कि विदेशी बाजारों में भी भेजे जाएंगे।
कंपनी के मुताबिक, नए प्लांट में ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और इंजन बनाए जाएंगे। यानी खेती से लेकर निर्माण क्षेत्र तक इस्तेमाल होने वाले कई तरह के उत्पाद यहां तैयार होंगे। इससे भारत में कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और देश को उसके वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में और बड़ी भूमिका मिलेगी।
पहले चरण में सालाना 60 हजार ट्रैक्टर और 15 हजार कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाने की क्षमता विकसित की जाएगी। इसके साथ जरूरी सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी।
यह प्लांट यमुना एक्सप्रेसवे के पास और नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट, जेवर से नजदीक स्थित है। ऐसे में कंपनी को तैयार उत्पादों और दूसरे सामान की आवाजाही में फायदा मिल सकता है। प्लांट के विकसित होने के साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
Kubota Corporation के सीईओ शिंगो हानादा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते ट्रैक्टर बाजारों में शामिल है। कंपनी की 2030 की विकास रणनीति में भारत की अहम भूमिका है। उनके मुताबिक, भारत अब सिर्फ कंपनी के लिए बाजार नहीं रह गया है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग का ग्लोबल हब बन रहा है।
कंपनी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट Kubota के मिड-टर्म बिजनेस प्लान 2030 का हिस्सा है। इसके तहत भारत में कम लागत वाली मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र विकसित करने की योजना है।