मुनाफा 3,924 करोड़ से घटकर 775 करोड़, JLR की बिक्री गिरी, घरेलू कारोबार में मार्जिन दबा
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की कमाई को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक साथ कई झटके लगे। कंपनी का जून तिमाही में कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 80 फीसदी घटकर 775 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 3,924 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। कमजोर नतीजों का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखा और शुक्रवार को टाटा मोटर्स का शेयर 5.18 फीसदी तक टूटकर 329.20 रुपये पर आ गया।
कंपनी के प्रदर्शन पर सबसे बड़ा असर उसकी लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) की कमजोर बिक्री का पड़ा। इसके साथ ही भारत में कच्चे माल की बढ़ती कीमत, बाजार में तेज प्रतिस्पर्धा और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों ने भी कमाई पर दबाव बढ़ाया।
पहली तिमाही में JLR के थोक वाहन बिक्री आंकड़े सालाना आधार पर 9.2 फीसदी घटकर 79,288 यूनिट रह गए। इसमें चीन की जॉइंट वेंचर बिक्री शामिल नहीं है। बिक्री घटने का असर कंपनी के राजस्व पर भी पड़ा और JLR का रेवेन्यू 9.6 फीसदी घटकर 5.973 अरब पाउंड रह गया।
JLR का ऑपरेटिंग मार्जिन भी पिछले साल के 4 फीसदी से घटकर 2.8 फीसदी रह गया। यानी कंपनी की कमाई में बिक्री के मुकाबले बचने वाला हिस्सा और कम हो गया।
JLR को तिमाही के दौरान सप्लाई चेन से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक प्रमुख कंपोनेंट सप्लायर के यहां आग लगने से सप्लाई प्रभावित हुई। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भी कारोबार पर असर पड़ा। पुराने Jaguar मॉडल्स को बंद करने और नए मॉडल्स की लॉन्चिंग से पहले उत्पादन में बदलाव का भी असर बिक्री पर पड़ा।
भारत में टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल कारोबार पर भी लागत बढ़ने का दबाव रहा। कच्चे माल की महंगाई ने करीब 4.5 फीसदी का दबाव बनाया। दूसरी ओर बाजार में मारुति सुजुकी, हुंडई, महिंद्रा और अन्य कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण टाटा मोटर्स के लिए कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी करना आसान नहीं रहा। गुजरात के साणंद प्लांट में बाढ़ के कारण कंपनी को करीब पांच दिन उत्पादन रोकना पड़ा। ब्रोकरेज कंपनियों के मुताबिक टाटा मोटर्स के नए उत्पादों को भारतीय बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन महंगी कमोडिटी और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी के लिए कीमतों में पर्याप्त बढ़ोतरी करना मुश्किल है।
