• 1300 से ज्यादा कर्मचारियों के दम पर Isuzu की उड़ान! Isuzu के श्रीसिटी प्लांट के 10 साल पूरे, 1 लाख गाड़ियों का सफर
• आंध्र प्रदेश के श्रीसिटी प्लांट से घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट दोनों को मिल रही रफ्तार
जापान की ऑटोमोबाइल कंपनी Isuzu Motors India ने आंध्र प्रदेश के श्रीसिटी स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में उत्पादन के 10 साल पूरे कर लिए हैं। अप्रैल 2016 में शुरू हुई इस फैक्ट्री ने घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी गाड़ियां तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। कंपनी के सफर में एक लाख वाहनों के उत्पादन का मुकाम और निर्यात कारोबार का विस्तार बड़ी उपलब्धियां हैं। आज इस प्लांट में 1,300 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें करीब 82% स्थानीय लोग हैं।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 से उसका भारतीय कारोबार लगातार मुनाफे में रहा है, जबकि पिछले साल मुनाफे में 2.5 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई। Isuzu भारत में बनी गाड़ियों को सऊदी अरब, बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश जैसे बाजारों में भी निर्यात करती है। कंपनी अब घरेलू बिक्री बढ़ाने, निर्यात कारोबार को विस्तार देने और जापानी मैन्युफैक्चरिंग तकनीक के साथ स्थानीय प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल करने पर ध्यान दे रही है।
आंध्र प्रदेश के श्रीसिटी में स्थित यह आधुनिक प्लांट Isuzu की ‘मोनोज़ुकुरी’ मैन्युफैक्चरिंग फिलॉसफी पर काम करता है। जापानी उत्पादन पद्धति में गुणवत्ता, बारीकियों पर ध्यान और लगातार सुधार को अहम माना जाता है। कंपनी का कहना है कि इसी सोच के साथ भारत में ऐसे वाहन तैयार किए जा रहे हैं, जो घरेलू ग्राहकों की जरूरतों के साथ विदेशी बाजारों की अपेक्षाओं पर भी खरे उतरें।
Isuzu Motors Limited के प्रेसिडेंट और CEO नाओहिरो यामागुची ने भारतीय इकाई की प्रगति पर खुशी जताई। उनके मुताबिक, कंपनी वित्त वर्ष 2022 से लगातार मुनाफे में है और निर्यात कारोबार भी बढ़ा है। श्रीसिटी प्लांट से तैयार वाहनों का निर्यात मध्य-पूर्व और एशिया के कई बाजारों में किया जाता है। इनमें सऊदी अरब, बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश शामिल हैं। कंपनी के लिए निर्यात कारोबार का विस्तार उसकी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की अहम उपलब्धि है।
Isuzu Motors India के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मित्तल के अनुसार, एक लाख वाहनों के उत्पादन और निर्यात विस्तार तक का सफर कर्मचारियों, डीलर पार्टनर्स और ग्राहकों के भरोसे का नतीजा है। कंपनी ने पिछले साल मुनाफे में 2.5 गुना बढ़ोतरी की जानकारी भी दी है।
श्रीसिटी प्लांट में 1,300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें लगभग 82% कर्मचारी आसपास के स्थानीय क्षेत्रों से आते हैं। उत्पादन लाइन पर काम करने वालों में करीब 28% महिलाएं हैं। कंपनी का कहना है कि वह विविधता और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर ध्यान देती रहेगी।
Isuzu Motors India के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर ताकेशी हिरानो के मुताबिक, कंपनी ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझते हुए भरोसेमंद और उपयोगी मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय इंजीनियरिंग क्षमता और वैश्विक गुणवत्ता मानकों के मेल से भारत तथा विदेशी बाजारों के लिए उत्पाद तैयार करना है।
