• ग्राहक तैयार हैं, अब कारें लाओ! MG ने EV बाजार की सबसे बड़ी परेशानी पर उठाया सवाल
• EV बाजार में MG का डबल अटैक, 517 किमी वाली इलेक्ट्रिक और 1100+ किमी वाली PHEV
• चार्जिंग की टेंशन और लंबी यात्रा का डर, MG ने EV के साथ निकाला PHEV वाला रास्ता
नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग को लेकर चल रही बहस के बीच JSW MG Motor India ने बड़ा दावा किया है। कंपनी के मुताबिक देश में EV खरीदने वाले ग्राहकों की कमी नहीं है, बल्कि बाजार में ग्राहकों की जरूरत और बजट के हिसाब से पर्याप्त इलेक्ट्रिक कारों के विकल्प नहीं हैं। कंपनी ने इसी सोच के साथ Hector Tomahawk EV और Hector Tomahawk PHEV को एक साथ पेश किया है। Hector Tomahawk EV की शुरुआती कीमत ₹19.49 लाख है, जबकि Battery-as-a-Service (BaaS) के साथ इसकी शुरुआती कीमत ₹13.99 लाख बताई गई है। EV में 69.2kWh बैटरी और 517 किमी की दावा की गई रेंज मिलती है। वहीं सात सीट वाली PHEV में 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 20.5kWh बैटरी है और यह 115 किमी से ज्यादा इलेक्ट्रिक मोड में चलने का दावा करती है।
JSW MG Motor India के डायरेक्टर पार्थ जिंदल और मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग मेहरोत्रा ने लॉन्च के बाद हुई चर्चा में कहा कि भारत का EV बाजार ग्राहकों की कमी से नहीं, बल्कि विकल्पों की कमी से प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि जब ग्राहकों के सामने पर्याप्त मॉडल ही नहीं होंगे तो वे इलेक्ट्रिक कार खरीदने की इच्छा को बिक्री में कैसे बदलेंगे।
कंपनी के मुताबिक अब कई वाहन निर्माता इलेक्ट्रिक कारों पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। बाजार की प्रमुख कंपनियां नए EV मॉडल ला रही हैं MG ने Hector Tomahawk EV को पांच और सात सीट वाले विकल्पों में पेश किया गया है। इसमें 69.2kWh बैटरी दी गई है और कंपनी ने इसकी रेंज 517 किमी तक होने का दावा किया है। इसमें 90kW DC फास्ट चार्जिंग की सुविधा भी है।
Hector Tomahawk EV में बायडायरेक्शनल चार्जिंग फीचर दिया गया है। इसमें Vehicle-to-Home (V2H) जैसी सुविधा शामिल है। कार की बैटरी का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर घर को बिजली देने के लिए भी किया जा सकता है। MG ने Hector Tomahawk का प्लग-इन हाइब्रिड यानी PHEV वर्जन भी उतारा है। इसमें 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 20.5kWh बैटरी दी गई है।
PHEV की खासियत इसकी लंबी संयुक्त रेंज है। MG के मुताबिक Hector Tomahawk PHEV 1,100 किमी से ज्यादा की संयुक्त रेंज दे सकती है। भारत का EV बाजार अब उस दौर में पहुंच रहा है जहां सिर्फ शुरुआती EV खरीदारों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। अगली चुनौती पेट्रोल और डीजल कार खरीदने वाले ग्राहकों को इलेक्ट्रिक या नई ऊर्जा वाली कार अपनाने के लिए तैयार करना है। MG का मानना है कि अगर ग्राहकों को उनकी जरूरत, बजट और इस्तेमाल के हिसाब से पर्याप्त विकल्प मिलते हैं, तो EV की मांग कहीं ज्यादा हो सकती है।
