नई दिल्ली: इंडिया में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अपनाने की शुरुआत उन लोगों से होने की काफी उम्मीद है, जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) का मानना है कि ऐसे वाहन चालकों को कम ईंधन लागत का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की मांग तेजी से बढ़ सकती है। संगठन का कहना है कि इससे सिर्फ वाहन मालिकों की जेब पर ही कम बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ेगी। कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी। गांवों में रोजगार बढ़ेगा और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
AIDA के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने कहा कि भारत को केवल पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20% से बढ़ाकर 25% या 30% करने की बजाय E85 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। E85 के लिए आवश्यक तकनीक, वितरण व्यवस्था और नियम पहले से उपलब्ध हैं, इसलिए इसे तेजी से अपनाया जा सकता है। हाल ही में भारत में E85 ईंधन की आधिकारिक शुरुआत नई दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियनऑयल के पहले पंप से हुई है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इसे सामान्य E20 पेट्रोल की तुलना में 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता रखा गया है। हालांकि इसकी ऊर्जा क्षमता कुछ कम होती है, लेकिन कम कीमत इसकी भरपाई कर देती है।
AIDA का कहना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की सफलता केवल कारों पर नहीं, बल्कि मजबूत ईंधन आपूर्ति नेटवर्क पर भी निर्भर करेगी। संगठन का सुझाव है कि देश के ग्रामीण इलाकों में मौजूद इथेनॉल उत्पादकों को सीधे इथेनॉल बेचने की अनुमति दी जाए। इससे स्थानीय स्तर पर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और ईंधन का पूरा इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो सकेगा। सरकार ने भी ड्राफ्ट CAFE-III मानकों में इथेनॉल, कंप्रेस्ड बायोगैस और अन्य जैव ईंधनों के लिए ‘कार्बन न्यूट्रैलिटी फैक्टर’ शामिल किया है। इसके तहत E20 और उससे अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए 8% कार्बन कटौती फैक्टर का प्रस्ताव रखा गया है।
हालांकि E20 लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर माइलेज कम होने और पुराने वाहनों पर असर जैसी कई आशंकाएं सामने आई हैं। AIDA का कहना है कि पुराने वाहनों की नियमित सर्विसिंग और वाहन निर्माता कंपनियों की सही सलाह से इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। संगठन ने वाहन निर्माताओं (OEM) और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से अपील की है कि वे लोगों को इथेनॉल मिश्रित ईंधन, वाहन रखरखाव और माइलेज से जुड़ी सही जानकारी देकर भ्रम दूर करें।
