E20 विवाद में Maruti का पलटवार, 20.50 लाख की कार बदलने के आदेश को चुनौती

E20 विवाद में Maruti का पलटवार, 20.50 लाख की कार बदलने के आदेश को चुनौती

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki ने रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग के उस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है, जिसमें कंपनी को एक ग्राहक की कार बदलकर नई E20-योग्य कार देने का निर्देश दिया गया था। कंपनी का कहना है कि संबंधित SUV पहले से ही E20 पेट्रोल पर चलने के लिए पूरी तरह सक्षम थी और इस संबंध में जानकारी वाहन की ओनर मैनुअल में भी स्पष्ट रूप से दी गई थी।

Maruti Suzuki का कहना है कि आयोग ने फैसला सुनाते समय सभी महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार नहीं किया। कंपनी के अनुसार, जांच के दौरान ग्राहक की कार से लिए गए ईंधन के नमूने में ईंधन के दूषित होने के प्रमाण मिले थे। इसके अलावा भी कई ऐसे तथ्य हैं, जिनका आदेश में उल्लेख नहीं किया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह कानून के अनुसार इस आदेश को उच्च न्यायिक मंच पर चुनौती देगी। कंपनी ने दोहराया कि गुणवत्ता, सुरक्षा और ग्राहकों की संतुष्टि उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दरअसल, उपभोक्ता आयोग ने वाहन मालिक की शिकायत को सही मानते हुए कहा था कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए Maruti Suzuki और संबंधित डीलरशिप दोनों को जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने आदेश दिया कि ग्राहक को नई E20-योग्य कार उपलब्ध कराई जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो कंपनी को ग्राहक को वाहन की खरीद कीमत 20.50 लाख रुपये लौटानी होगी। इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपऔर मुकदमे के खर्च के रूप में ₹10,000 का भुगतान भी करना होगा। आयोग ने आदेश के पालन के लिए 45 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर बकाया राशि पर 7% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

अब यह मामला ऊपरी अदालत में जाएगा, जहां यह तय होगा कि इंजन खराब होने की वजह वास्तव में E20 ईंधन था या फिर ईंधन में किसी प्रकार की मिलावट या कोई अन्य तकनीकी कारण। यह फैसला भविष्य में E20 ईंधन से जुड़े उपभोक्ता विवादों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।