SUV बूम का सबसे बड़ा फायदा मारुति को, शेयर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक बार फिर मारुति सुजुकी की दमदार वापसी देखने को मिल रही है। पिछले कई वर्षों से बाजार हिस्सेदारी में लगातार गिरावट का सामना कर रही देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने आखिरकार छह साल बाद ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने प्रतिस्पर्धी कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। छोटी कारों और एसयूवी की जबरदस्त मांग के दम पर मारुति ने मई 2026 में अपने बाजार हिस्से में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज करते हुए साफ संकेत दे दिया है कि उसकी बादशाहत अभी खत्म नहीं हुई है।
कंपनी का बाजार हिस्सा मई में बढ़कर 43.1 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.3 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल में भी कंपनी ने शानदार बढ़त हासिल की थी। यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ऑटो उद्योग पर दबाव बना रहे हैं।
मारुति की इस शानदार वापसी की सबसे बड़ी वजह उसके लोकप्रिय मॉडलों की बढ़ती मांग है। Alto और S-Presso जैसी एंट्री लेवल कारों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले दोगुने से अधिक बढ़ गई। वहीं Brezza, Fronx, Grand Vitara और Ertiga जैसे मॉडलों की मजबूत मांग के चलते एसयूवी सेगमेंट में कंपनी की बिक्री 44 प्रतिशत तक उछल गई। मई के दौरान कंपनी ने 79 हजार से अधिक यूटिलिटी वाहनों की बिक्री की, जो उसके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस सफलता के पीछे हरियाणा के खरखौदा प्लांट की भी अहम भूमिका है। यहां नई उत्पादन क्षमता शुरू होने के बाद कंपनी अब ग्राहकों तक तेजी से वाहन पहुंचा पा रही है। लंबे समय से उत्पादन क्षमता की कमी के कारण मारुति कई सेगमेंट में मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पा रही थी, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है।
कंपनी जल्द ही एक नया मास-मार्केट मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिससे बिक्री को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा गुजरात के हंसलपुर संयंत्र में नई उत्पादन लाइन शुरू होने के बाद मारुति की वार्षिक उत्पादन क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा। Alto, WagonR, S-Presso और Celerio जैसी कारों पर लगभग एक महीने की वेटिंग चल रही है, जो ग्राहकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है। मजबूत बुकिंग, बढ़ती उत्पादन क्षमता और नए लॉन्च की तैयारियों के बीच मारुति सुजुकी को भरोसा है कि वह मौजूदा वित्त वर्ष में उद्योग की औसत वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
ऑटो बाजार के जानकार मानते हैं कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले महीनों में मारुति न सिर्फ अपनी खोई हुई हिस्सेदारी वापस पा सकती है, बल्कि भारतीय कार बाजार में अपनी पकड़ को पहले से भी ज्यादा मजबूत बना सकती है।
