Hybrid कारों में चार्जिंग की टेंशन खत्म, Toyota ने इंडिया में तीन लाख कारें बेचीं

बेंगलुरु: Toyota Kirloskar Motor (TKM) ने देश में 3 लाख हाइब्रिड वाहनों की कुल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। टोयोटा की हाइब्रिड गाड़ियों को इंडिया में तेजी से पसंद किया जा रहा है। कंपनी ने 3 लाख वाहनों की बिक्री कर दिखाया है कि ग्राहक अब सिर्फ पेट्रोल-डीजल नहीं, बल्कि बेहतर माइलेज, कम प्रदूषण और नई तकनीक वाली गाड़ियों की तरफ बढ़ रहे हैं। Toyota की सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड तकनीक में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों साथ काम करते हैं बैटरी को बाहर से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। गाड़ी कई बार सिर्फ इलेक्ट्रिक मोटर पर चल सकती है, जिससे पेट्रोल की बचत होती है।

दुनियाभर में Toyota के 30 साल से ज्यादा के हाइब्रिड अनुभव और 3.8 करोड़ इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बिक्री का असर अब भारत में भी दिख रहा है। कंपनी ने अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से SUV, MPV और प्रीमियम मॉडल पेश किए हैं, जिनमें Toyota Urban Cruiser Hyryder, Toyota Innova HyCross, Toyota Camry Hybrid और Toyota Vellfire शामिल हैं।

कंपनी की सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड तकनीक इसलिए पसंद की जा रही है इसमें बेहतर माइलेज मिलता है, प्रदूषण कम होता है और बैटरी को बाहर से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। दुनियाभर में 30 साल से ज्यादा के अनुभव और 3.8 करोड़ इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बिक्री से टोयोटा ने जो भरोसा बनाया, उसका असर अब इंडियन मार्केट में भी दिखने लगा है। टोयोटा की हाइब्रिड तकनीक में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर मिलकर काम करते हैं, जिससे गाड़ी बेहतर माइलेज देती है और कम प्रदूषण फैलाती है। जरूरत के हिसाब से सिस्टम खुद तय करता है कि गाड़ी पेट्रोल पर चलेगी, इलेक्ट्रिक मोड में चलेगी या दोनों मिलकर काम करेंगे। इससे ईंधन की बचत बढ़ती है।

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत सेल्फ-चार्जिंग सिस्टम है। बैटरी को बाहर से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती। ब्रेक लगाने और इंजन चलने के दौरान बैटरी खुद चार्ज होती रहती है। कंपनी 8 साल की हाइब्रिड बैटरी वारंटी देकर ग्राहकों का भरोसा मजबूत करना चाहती है। Toyota सिर्फ हाइब्रिड तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की हरित मोबिलिटी के लिए HEV, PHEV, BEV, FCEV और FFV जैसी कई तकनीकों पर काम कर रही है, ताकि कम कार्बन उत्सर्जन वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा सके।