Ola Electric ने EV और बैटरी कारोबार में लगाए 2,000 करोड़

नई दिल्ली: इंडिया के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गिरते मार्केट शेयर के बीच Ola Electric ने बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने EV और बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बढ़ाते हुए अपनी दो सब्सिडियरी में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। Ola Electric Technologies को 1,500 करोड़ रुपये और Cell यूनिट को 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस निवेश के जरिए कंपनी बैटरी से लेकर स्कूटर तक पूरे EV इकोसिस्टम को मजबूत करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भारत में लोकल बैटरी सेल निर्माण को नई रफ्तार देने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि Ola Electric का यह कदम EV मार्केट में मजबूत वापसी की रणनीति का हिस्सा है।

कंपनी के अनुसार 1,500 करोड़ रुपये का निवेश Ola Electric Technologies में किया जाएगा, जो इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और EV सेवाओं से जुड़ा काम संभालती है। वहीं 500 करोड़ रुपये Ola Cell Technologies में लगाए जाएंगे, जो बैटरी सेल निर्माण और वितरण का कार्य करती है।

यह निवेश Compulsory Convertible Preference Shares (CCPS) के जरिए किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया 14 मई 2027 तक पूरी होने की संभावना है। निवेश के बाद भी दोनों कंपनियां Ola Electric की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां बनी रहेंगी। Ola Electric अब सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचने वाली कंपनी नहीं रहना चाहती, बल्कि बैटरी सेल से लेकर EV निर्माण तक पूरी सप्लाई चेन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। CCPS के जरिए होने वाला यह निवेश कंपनी को लंबे समय तक पूंजी उपलब्ध कराएगा, जिससे वह उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक विकसित करने और लागत कम करने पर काम कर सकेगी।

सरकार भी इंडिया में लोकल बैटरी सेल निर्माण को बढ़ावा दे रही है ताकि आयात पर निर्भरता घटे। Ola Electric इस मौके का फायदा उठाकर अपने बैटरी और EV मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना चाहती है, जिससे आने वाले समय में कंपनी प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर दे सके। हाल के महीनों में बाजार में कई नए EV खिलाड़ी उतरने और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कंपनी का मार्केट शेयर प्रभावित हुआ है। Ola अब उत्पादन क्षमता बढ़ाकर, नई तकनीक विकसित कर और बैटरी सप्लाई चेन मजबूत करके बाजार में अपनी स्थिति फिर मजबूत करना चाहती है।