Tata Motors का बड़ा दांव, Freight Tiger को 95.66 करोड़ में खरीदा

नई दिल्ली: Tata Motors ने लॉजिस्टिक्स टेक कंपनी Freight Tiger को 95.66 करोड़ रुपये में खरीदकर डिजिटल लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़ा दांव खेला है। Tata Motors ने लॉजिस्टिक्स-टेक प्लेटफॉर्म Freight Tiger में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 63.6% कर ली है।

Freight Tiger अब Tata Motors की पूर्ण सहायक कंपनी बन गई है। इस डील से कंपनी ट्रक ऑपरेशन, माल ढुलाई, सप्लाई चेन और फ्रेट मैनेजमेंट को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी में है। Tata Motors Fleet Edge और Freight Tiger को जोड़कर एंड-टू-एंड डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है। यह अधिग्रहण कमर्शियल व्हीकल कारोबार को नई डिजिटल ताकत देने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत करने और SaaS आधारित सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी में पकड़ बढ़ाने की कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

Freight Tiger साल 2014 में शुरू हुई मुंबई स्थित टेक कंपनी है, जो ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई के काम को डिजिटल और आसान बनाती है। इसकी मदद से कंपनियां अपने ट्रकों, माल और सप्लाई चेन को ऑनलाइन ट्रैक और मैनेज कर सकती हैं। कंपनी का TMS प्लेटफॉर्म ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े काम को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करता है, जबकि Carrier Matching सिस्टम फ्लीट मालिकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को माल ढुलाई के लिए सही ट्रक और पार्टनर खोजने में सहायता देता है। Freight Tiger ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कारोबार को ज्यादा तेज, स्मार्ट और व्यवस्थित बनाती है।

Tata Motors Freight Tiger के जरिए ट्रांसपोर्ट कंपनियों, फ्लीट मालिकों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ सकेगी। Fleet Edge और Freight Tiger के साथ आने से ट्रकों की ट्रैकिंग, माल की आवाजाही, रूट प्लानिंग, फ्लीट मैनेजमेंट और सप्लाई चेन ऑपरेशन आसान और ज्यादा स्मार्ट हो जाएंगे। यह अधिग्रहण 15 मई 2026 तक पूरा किया जाएगा। मतलब Tata Motors Freight Tiger में सिर्फ छोटी हिस्सेदारी नहीं, बल्कि मजबूत नियंत्रण हासिल कर रही है। इसके लिए कंपनी साधारण शेयरों के साथ ऐसे प्रेफरेंस शेयर भी खरीदेगी, जिन्हें आगे चलकर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है। यानी Tata Motors लंबे समय के लिए Freight Tiger को अपने कारोबार का अहम हिस्सा बनाना चाहती है। वहीं, Freight Tiger की कमाई लगातार बढ़ रही है। FY25 में कंपनी का राजस्व ₹26.7 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले दो सालों से ज्यादा है।