ई-कारों की बिक्री ने लगाई 83% की छलांग, सप्लाई मिलती तो और बड़ा रिकॉर्ड
तीनपहिया में इलेक्ट्रिक का दबदबा, 65% से ज्यादा बाजार पर कब्जा
नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने जुलाई में नया रिकॉर्ड बना दिया। देश में एक महीने में पहली बार 3,27,901 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जो पिछले साल जुलाई के मुकाबले 66 फीसदी ज्यादा हैं। इससे पहले जून 2026 में 3,06,220 EV बिक्री का रिकॉर्ड बना था, जो जुलाई में टूट गया। खास बात यह है कि जुलाई में बिकने वाले हर आठ वाहनों में करीब एक इलेक्ट्रिक वाहन रहा।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, लगातार दूसरे महीने देश में EV की हिस्सेदारी 12 फीसदी से ऊपर रही। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग ने दोपहिया से लेकर कार, तीनपहिया और कमर्शियल वाहनों तक लगभग हर सेगमेंट में तेजी दिखाई।
जुलाई में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री पहली बार 2 लाख के पार पहुंच गई। कुल 2,04,362 इलेक्ट्रिक दोपहिया बिके, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 1,08,516 था। सालाना आधार पर बिक्री में 88.3 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इलेक्ट्रिक दोपहिया अब EV बाजार की सबसे बड़ी ताकत बन गए हैं। इनकी कुल वाहन बिक्री में हिस्सेदारी भी 11.2 फीसदी तक पहुंच गई।
इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों यानी ई-कारों की बिक्री में भी जोरदार उछाल आया। जुलाई में 32,928 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, जबकि एक साल पहले इसी महीने 17,981 यूनिट की बिक्री हुई थी। इस तरह ई-कारों की बिक्री 83.1 फीसदी बढ़ी। इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। जुलाई में इस सेगमेंट में 87,055 यूनिट बिकीं, जो जुलाई 2025 की 69,477 यूनिट से 25.3 फीसदी ज्यादा हैं।
इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में सबसे तेज रफ्तार देखने को मिली। जुलाई में इनकी बिक्री 168.6 फीसदी बढ़कर 3,556 यूनिट पहुंच गई, जबकि पिछले साल जुलाई में सिर्फ 1,324 यूनिट बिकी थीं।
FADA के मुताबिक इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को अब कंपनियां और फ्लीट ऑपरेटर बड़े स्तर पर अपने बेड़े में शामिल करने लगे हैं।
FADA के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने जुलाई को भारतीय EV बाजार के लिए बड़ा बदलाव वाला महीना बताया। उनके मुताबिक देश में पहली बार किसी एक महीने में इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं।
तीनपहिया में EV की हिस्सेदारी 65 फीसदी से ज्यादा हो गई है और कमर्शियल वाहनों में भी इलेक्ट्रिक मॉडल अब बड़े पैमाने पर खरीदे जा रहे हैं।
ईवी बाजार में मांग तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अब कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सप्लाई बढ़ाने की है। खासकर लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कारों की उपलब्धता कम होने से बिक्री की रफ्तार प्रभावित हो रही है। आने वाले त्योहारी सीजन में कार और दोपहिया की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में कंपनियों के लिए उत्पादन और डिलीवरी क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी होगा।
