Renault का मेगा प्लान, INDIA में सस्ती होंगी हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें

Renault का मेगा प्लान, INDIA में सस्ती होंगी हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें

• यूरोप के बाहर भारत Renault की पहली पसंद, CEO ने खोला कंपनी का मेगा प्लान

• डीजल कारों को पीछे छोड़ने की तैयारी, रेनो भारत में उतारेगी नई तकनीक

• पहले हाइब्रिड कारें फिर इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर, लोकल प्रोडक्शन से घटेगी कारों की लागत

भारत के तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Renault ने बड़ा प्लान तैयार किया है। कंपनी अब भारत में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों पर अपना फोकस बढ़ाने की तैयारी में है। Renault Group के CEO फ्रांस्वा प्रोवोस्ट ने स्पष्ट किया है कि यूरोप के बाहर भारत कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कंपनी यहां अपने कारोबार का विस्तार करने के साथ-साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारतीय ग्राहकों के लिए किफायती बनाना चाहती है। पेरिस मोटर शो के दौरान प्रोवोस्ट ने भारत को लेकर Renault की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि भारत में संभावनाएं बहुत बड़ी हैं और कंपनी पिछले 15 वर्षों से यहां मौजूद है। Renault अब भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है।
Renault भारत को अपने भविष्य के कारोबार के लिए बेहद अहम बाजार मानती है। प्रोवोस्ट ने कहा कि यूरोप के बाहर भारत कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी वजह से कंपनी यहां निवेश कर रही है। हालांकि, Renault ने भारत में अपने निवेश की सटीक राशि का खुलासा नहीं किया है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में लगातार आगे बढ़ना है। इसी रणनीति के तहत Renault ने चेन्नई स्थित उस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का पूर्ण स्वामित्व हासिल कर लिया है, जिसे पहले Nissan के साथ साझा किया जाता था।
Renault की भविष्य की रणनीति में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका होगी। कंपनी पहले इस तकनीक को भारतीय ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बनाना चाहती है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने की योजना है।
प्रोवोस्ट ने कहा कि भारत के लिए उनका सपना Renault की फुल हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों को प्रमुखता से आगे बढ़ाना है। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर मिलकर काम करते हैं। Renault की कोशिश ऐसे ग्राहकों को आकर्षित करने की होगी, जो बेहतर माइलेज और आधुनिक तकनीक चाहते हैं, लेकिन फिलहाल पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार खरीदने के बजाय हाइब्रिड विकल्प को प्राथमिकता देते हैं।
Renault के CEO का मानना है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इलेक्ट्रिफिकेशन भविष्य की दिशा तय करेगा। प्रोवोस्ट ने डीजल कारों को पुरानी तकनीक बताते हुए कहा कि Renault भारतीय ग्राहकों को फुल हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के फायदे समझाना चाहती है।
प्रोवोस्ट ने कहा कि कंपनी की प्राथमिकता स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना और उसके बाद इलेक्ट्रिक कारों की ओर कदम बढ़ाना है। भारत में स्थानीय उत्पादन को मजबूत करने की रणनीति इस दिशा में अहम साबित हो सकती है। अगर Renault भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप किफायती और आकर्षक मॉडल पेश करने में सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में कंपनी के लिए बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के नए अवसर खुल सकते हैं।