नई दिल्ली : इंडिया की सड़कों पर राज करने वाली मशहूर SUV Renault Duster एक बार फिर चर्चा में है! लेकिन इस बार वजह सिर्फ इसका लुक या पावर नहीं, बल्कि इसकी बेमिसाल सुरक्षा है। नई Renault Duster ने इंडिया NCAP (BNCAP) क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग हासिल कर ली है। इसका मतलब है कि अब Duster न सिर्फ चलाने में दमदार है, बल्कि आपके और आपके परिवार के लिए एक ‘सुरक्षित किला’ भी है।
स्कोर कार्ड: बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए बेस्ट
नई Duster ने टेस्ट के दौरान वयस्कों और बच्चों दोनों की सुरक्षा श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
बड़ों की सुरक्षा : 32 में से 30.49 अंक
बच्चों की सुरक्षा : 49 में से 45 अंक
बड़ी बात: यह 5-स्टार रेटिंग सिर्फ टॉप मॉडल के लिए नहीं, बल्कि Duster की पूरी रेंज (Evolution, Techno और Iconic) पर लागू होती है। यानी आप कोई भी वेरिएंट चुनें, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
इतनी सुरक्षित कैसे बनी नई Duster
Renault ने इस SUV को नए RGMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। इसे खास तौर पर इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में गाड़ी का ढांचा (Structure) यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित रख सके। कंपनी के ‘ह्यूमन फर्स्ट प्रोग्राम’ के तहत सुरक्षा को गाड़ी बनाने के पहले दिन से ही प्राथमिकता दी गई थी।
फीचर्स की भरमार: 35 सेफ्टी फीचर्स मिलेंगे स्टैंडर्ड
नई Duster में सुरक्षा के लिए कंजूसी नहीं की गई है। कंपनी सभी वेरिएंट्स में 35 सेफ्टी फीचर्स बेस मॉडल से ही दे रही है। मुख्य फीचर्स ये हैं:
6 एयरबैग्स: चारों तरफ से सुरक्षा।
ESP (इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम): गाड़ी पर बेहतर कंट्रोल।
हिल होल्ड और हिल डिसेंट कंट्रोल: पहाड़ों और ढलानों पर ड्राइविंग आसान।
TPMS: टायरों की हवा पर रखेगा नज़र।
ISOFIX: बच्चों की सीट के लिए खास एंकर।
ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम): इसमें 17 आधुनिक फीचर्स हैं जैसे- ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन।
सुरक्षा, माइलेज और भरोसा एक साथ
Renault India के वीपी (सेल्स और मार्केटिंग), फ्रांसिस्को हिडाल्गो-मार्केस ने खुशी जताते हुए कहा, “Duster हमेशा से अपने दमदार डिज़ाइन और हैंडलिंग के लिए जानी जाती रही है। अब 5-स्टार रेटिंग, बेहतरीन माइलेज और 7 साल की वारंटी के साथ यह ग्राहकों के लिए एक ऐसा पैकेज है जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।”
वहीँ, इंजीनियरिंग हेड डॉ. वी. विक्रमन ने बताया कि इसे भारतीय सड़कों की चुनौतीपूर्ण स्थितियों को ध्यान में रखकर टेस्ट और तैयार किया गया है।
