• कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में शुरू किया वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम
AI पर बढ़ा खर्च तो Google ने बदली रणनीति, कर्मचारियों को दिया नौकरी छोड़ने का विकल्प
AI की दौड़ में Google का बड़ा दांव, खर्च घटाने के लिए कर्मचारियों को दे रही विदाई पैकेज
AI पर अरबों डॉलर के निवेश के बीच खर्च घटाने में जुटी टेक दिग्गज
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Google ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने और बढ़ते खर्च पर नियंत्रण रखने के लिए पांच देशों में चुनिंदा टीमों के कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है। इसके तहत कर्मचारियों को कंपनी की ओर से आकर्षक सेवरेंस पैकेज यानी नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक भुगतान की पेशकश की जा रही है। यह कार्यक्रम कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में लागू किया गया है। कंपनी ने हालांकि यह खुलासा नहीं किया है कि कितने कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है।
Google ने जून में इस वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम का विस्तार किया था। इससे पहले 2025 में भी कंपनी की कुछ टीमों में इसी तरह के कार्यक्रम चलाए गए थे। यह ऑफर Google के सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए नहीं है। कंपनी ने अपनी AI रिसर्च यूनिट DeepMind और Google Cloud को इस कार्यक्रम से बाहर रखा है। ये दोनों विभाग Google की भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं और यहां कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
स्विट्जरलैंड में इस Google के कर्मचारियों को जून में नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव मिला था और इसे स्वीकार करने वाले कर्मचारियों ने अगस्त से कंपनी छोड़ना शुरू कर दिया। स्विट्जरलैंड में Google के करीब 5,000 कर्मचारी हैं और ज्यूरिख में कंपनी का बड़ा इंजीनियरिंग सेंटर भी मौजूद है। यहां कर्मचारियों को नौकरी में बिताए प्रत्येक साल के बदले एक महीने की सैलरी देने का प्रस्ताव था। करीब 50 कर्मचारियों वाली एक टीम के कम से कम चार लोगों ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया।
Google का यह कदम ऐसे समय आया है, जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI कारोबार में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए भारी निवेश कर रही हैं। Alphabet की अगुवाई में Google भी AI तकनीक, कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर पर खर्च बढ़ा रही है। ऐसे में कंपनी कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करना चाहती है।
इस बीच Microsoft भी इसी दिशा में कदम उठा रही है। कंपनी ने अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में करीब 60 हजार कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी बायआउट योजना की घोषणा की है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। यह प्रस्ताव लेवल 70 या उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए है। Microsoft अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है।
